पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का वह ठिकाना, जिसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने निशाना बनाया था, करीब 15 महीने बाद दोबारा पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। एक रिपोर्ट में साइट से सामने आई तस्वीरों और वीडियो के हवाले से यह दावा किया गया है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 6-7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर क्षेत्र में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय भी इस कार्रवाई में निशाने पर था।
नई मार्बल, पेंट और प्लास्टर से बदली इमारत की शक्ल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित इस बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय में अब बड़े पैमाने पर मरम्मत का काम पूरा हो चुका है। रिपोर्ट में सामने आई हालिया तस्वीरों में इमारत पर नया मार्बल, ताजा पेंट और प्लास्टर नजर आ रहा है। मुख्य परिसर से सटी क्षतिग्रस्त इमारतों को भी कथित तौर पर हटा दिया गया है और उनकी जगह नया निर्माण किया जा रहा है। इनमें मदरसा अल-साबिर और जैश के कमांडरों के लिए इस्तेमाल होने वाले आवासीय परिसर भी शामिल बताए गए हैं।25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये खर्च होने का दावा
रिपोर्ट में खुफिया सूचनाओं के हवाले से दावा किया गया है कि परिसर के पुनर्निर्माण के लिए करीब 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये नकद किस्तों में दिए गए। इसमें से लगभग 11 करोड़ रुपये केवल मुख्य हॉल के पुनर्निर्माण पर खर्च होने की बात कही गई है।इस परिसर का पुनर्निर्माण 15 महीनों में पूरा हुआ।
क्या था इस ठिकाने का इस्तेमाल?
बता दें कि बहावलपुर स्थित इस परिसर का इस्तेमाल कथित तौर पर आतंकियों की कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी ट्रेनिंग और भर्ती के लिए किया जाता था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने सटीक कार्रवाई करते हुए इसे नेस्तनाबूद कर दिया था। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश-ए-मोहम्मद के अलावा हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों द्वारा पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में अपने ठिकाने स्थानांतरित करने की खबरें भी सामने आई थीं।
