Asha Parekh Dada Saheb Phalke Award: वेट्रन बॉलीवुड एक्ट्रेस आशा पारेख (Asha Parekh) को इस साल भारत सरकार द्वारा फिल्म इंडस्ट्री का सबसे प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड (Dada Saheb Phalke Award) से सम्मानित किया जाएगा। लगभग 70 साल से फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव आशा पारेख ने हिंदी के अलावा पंजाबी, गुजराती और कन्नड़ फिल्मों में काम किया है। आशा पारेख को बाबा साहेब फाल्के अवॉर्ड देने की घोषणा करने के बाद सोशल मीडिया पर केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) का एक वीडियो वायरल हो रहा है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का ये वीडियो साल 2016 का है। इसमें वह बता रहे हैं कि कैसे आशा पारेख 12 मंजिल चढ़कर उनसे अवॉर्ड मांगने आई थीं। हालांकि, उस वक्त उन्हें अवॉर्ड नहीं मिला। बकौल नितिन गडकरी, 'पुरस्कारों की वजह से सिरदर्द होने लगा है। लोग पीछे पड़ जाते हैं और पद्म पुरस्कारों की चाहत में सिफारिश चाहते हैं। एक्ट्रेस आशा पारेख पद्मभूषण पाने की उम्मीद में मेरे घर की लिफ्ट खराब होने के बावजूद 12 मंजिल चढ़कर पहुंची थीं। बहुत खराब लगा था। उन्होंने कहा था कि मुझे पद्मश्री मिला है लेकिन, फिल्मों में मेरे योगदान को देखते हुए पद्मभूषण मिलना चाहिए।'
अनुराग ठाकुर ने की थी घोषणा
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने मंगलवार को दिग्गज एक्ट्रेस आशा पारेख को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड देने की घोषणा की। बकौल केंद्रीय मंत्री, 'दादा साहब फाल्के समिति ने 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में आशा पारेख को पुरस्कार देने का फैसला किया गया है। इस समीति में आशा भोसले, हेमा मालिनी, उदित नारायण, पूनम ढिल्लों और टीएस नागभरण शामिल थे।' आपको बता दें कि इससे पहले आशा पारेख को साल 1992 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
आशा पारेख ने अपने करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट साल 1952 में आई फिल्म मां से की थी। इसके बाद उन्होंने अगले कुछ साल चाइल्ड आर्टिस्ट ही काम किया। साल 1959 में आई फिल्म दिल देके देखो से उन्होंने बतौर लीड एक्ट्रेस डेब्यू किया था। आखिरी बार आशा पारेख साल 1999 में आई फिल्म सर आंखों में नजर आई थीं। इस फिल्म में उनका कैमियो रोल था।
