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Banka Assembly Constituency 2025: बांका सीट कभी होती थी कांग्रेस का गढ़, अब NDA की पकड़; इस बार BJP की साख दांव पर

Banka Assembly Constituency (बांका विधानसभा सीट): बांका विधानसभा सीट में 1951 से अब तक यहां 20 चुनाव हो चुके हैं, जिनमें भाजपा ने 8 बार जीत दर्ज की है। इस बार कुल 14 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। आइए जानते हैं क्या है बांका सीट का चुनावी गणित।

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बांका में क्या है चुनावी हालचाल

Photo : Times Now Digital

Banka Assembly Constituency (बांका विधानसभा सीट): बिहार के दक्षिण-पूर्वी छोर पर स्थित बांका विधानसभा सीट इस बार के चुनाव में फिर से सुर्खियों में है। यह सीट बांका लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और इसमें बांका शहर, आसपास के ग्रामीण क्षेत्र और बाराहाट प्रखंड शामिल हैं। झारखंड की सीमा से सटे होने के कारण इस क्षेत्र की भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान झारखंड से काफी हद तक मेल खाती है।

बांका सीट का राजनीतिक इतिहास

बांका विधानसभा क्षेत्र की स्थापना 1951 में हुई थी और अब तक यहां 20 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, जिनमें चार उपचुनाव भी शामिल हैं। राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो भाजपा (जिसमें जनसंघ की एक जीत भी शामिल है) ने 8 बार, कांग्रेस ने 7 बार, राजद ने 2 बार, जबकि स्वतंत्र पार्टी और जनता पार्टी ने एक-एक बार जीत हासिल की है। स्वतंत्रता के शुरुआती वर्षों में कांग्रेस का दबदबा रहा, लेकिन 1985 के बाद पार्टी का प्रभाव पूरी तरह खत्म हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह कांग्रेस के टिकट पर जीतने वाले अंतिम विधायक रहे। इसके बाद से इस सीट पर भाजपा और राजद का वर्चस्व कायम है।

NDA की पकड़ मजबूत

2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के रामनारायण मंडल ने राजद के जावेद इकबाल अंसारी को 16,828 वोटों के अंतर से हराकर लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की थी। मंडल अब तक छह बार विधायक रह चुके हैं, जिससे यह सीट NDA का मजबूत गढ़ मानी जाती है। लोकसभा स्तर पर भी NDA की पकड़ मजबूत है। जदयू के गिरधारी यादव ने 2024 लोकसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार जीत हासिल की और बांका विधानसभा क्षेत्र से 18,031 वोटों की बढ़त ली।

बांका का जातीय समीकरण

2020 में बांका विधानसभा क्षेत्र में 2,54,480 पंजीकृत मतदाता थे, जो 2024 में बढ़कर 2,70,818 हो गए। इनमें यादव समुदाय (22.3%) और मुस्लिम मतदाता (13.5%) निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इनके अलावा राजपूत, कोइरी और रविदास समुदाय के मतदाता भी प्रभावशाली संख्या में हैं। अनुसूचित जातियों की हिस्सेदारी 11.26%, अनुसूचित जनजातियों की 2.01% और शहरी मतदाताओं की संख्या महज 12.55% है, जिससे यह एक मुख्य रूप से ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र बनता है।

2020 में यहां 62.62% मतदान हुआ था।

बांका में कब होंगे चुनाव (Banka Election Date)

नोटिफिकेशन की तारीख 13 अक्टूबर 2025
नामांकन की आखिरी तारीख20 अक्टूबर 2025
नामांकन जांच की आखिरी तारीख21 अक्टूबर 2025
नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख23 अक्टूबर 2025
मतदान11 नवंबर 2025
चुनाव नतीजे14 नवंबर 2025

क्या है चुनावी माहौल

इस बार बांका सीट पर कुल 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा ने एक बार फिर रामनारायण मंडल पर भरोसा जताया है, जबकि जन स्वराज पार्टी से कौशल कुमार सिंह और CPI से संजय सिंह चुनावी मैदान में हैं। राजद भी इस सीट पर अपनी खोई जमीन वापस पाने की कोशिश में जुटी है, लेकिन भाजपा के मजबूत संगठन, रामनारायण मंडल की व्यक्तिगत साख और एनडीए की लोकसभा जीत के चलते मुकाबला फिर एकतरफा दिख रहा है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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