CDS सुनते ही हमारे मन में सबसे पहले भारतीय सेना आती है, क्योंकि सीडीएस भारतीय सेना का हिस्सा है। लेकिन यहां हमारा अर्थ यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली कंबाइंड डिफेंस सर्विस परीक्षा से नहीं है, बल्कि हम बात कर रहे हैं भारतीय सेना के सर्वोच्च पद के बारे में। सीडीएस यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (Chief of Defence Staff)। यह एक ऐसा पद है, जिस पर काम करने का सपना सेना में शामिल होने वाले लगभग हर अधिकारी का होता है, लेकिन इस पद पर काम करने का अवसर कम ही लोगों को मिलता है। ऐसे में आज जानेंगे CDS कौन होता है? इस पद पर नियुक्ति कैसे होती है? और इसके लिए क्या पढ़ाई करनी पड़ती है?
CDS कौन होता है?
सीडीएस यानी 'चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ' एक फोर स्टार ऑफिसर होता है। यह रक्षा विभाग में एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पद माना जाता है। क्योंकि एक सीडीएस भारत की एक सेना का नहीं, बल्कि तीनों सेनाओं का प्रमुख होता है। इतना ही नहीं CDS चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी का चेयरमैन भी होता है।
कैसे चुने जाते हैं CDS?
आपने यह तो जान लिया कि सीडीएस होता क्या है, लेकिन इसका चुनाव कैसे होता है, इसके बारे में अधिकांश लोगों को नहीं पता है। दरअसल, एक सीडीएस का चुनाव तीनों सेना प्रमुख के अलावा 3 स्टार ऑफिसर में से किया जाता है। बता दें कि थलसेना में 3 स्टार ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल, वायुसेना में एयर मार्शल और नौसेना में वाइस एडमिरल रैंक के अधिकारी होते हैं। लेकिन आपको बता दें कि इसमें एक महत्वपूर्ण शर्त भी है और वह शर्त है कि सीडीएस बनने के लिए तीनों सेना के 3 स्टार और 4 स्टार अधिकारियों की उम्र 62 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
भारत का पहला CDS कौन था?
क्योंकि बात सीडीएस की हो रही तो यह जानना भी आवश्यक है कि भारत के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत थे। उन्होंने एक जनवरी 2020 को सीडीएस के तौर पर कार्यभार संभाला था। वर्तमान समय की बात करें तो इस समय भारत के सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि हैं। यह भारत के तीसरे सीडीएस हैं।
सीडीएस पद कब शुरू हुआ था?
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) पद की शुरुआत 1 जनवरी 2020 को हुई थी और उस दौरान जनरल बिपिन रावत पहले सीडीएस के तौर पर नियुक्त किए गए थे।
भारत में अभी तक कितने सीडीएस रहें?
टाइमलाइन के अनुसार, बात करें को भारत में अभी तक केवल 3 सीडीएस रहे हैं।पहले - जनरल बिपिन रावत (2020-2021)
दूसरे - जनरल अनिल चौहान (2022 -2026)
तीसरे - जनरल एनएस राजा सुब्रमणि
CDS कैसे बनते हैं?
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद भारतीय सेना में सर्वोच्च सैन्य पद है। यह तीनों सेना का प्रधान होता है। इस पद किसी अधिकारी नियुक्ति केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति द्वारा की जाती है। जैसा की हमने बताया कि सीडीएस फोर स्टार अधिकारी होता है। इस पद पर 3 स्टार अधिकारी या सेना के प्रमुख को नियुक्त किया जाता है। नियुक्ति के लिए रक्षा मंत्रालय के सीनियर अधिकारियों के पैनल में नामों को शॉर्टलिस्ट किया जाता है और उसके बाद भारत के राष्ट्रपति द्वार एक नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाती है।
CDS की भर्ती कैसे होती है?
बता दें कि जिस प्रकार भारतीय सेना में भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन किया जाता है, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद पर भर्ती के लिए किसी भी प्रकार की परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाता है।
CDS की भूमिका क्या है?
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) यानी भारत की तीनों सेना के प्रधान की प्रमुख भूमिकाएं इस प्रकार है -
- सीडीएस रक्षा मंत्री और भारत सरकार की तीनों सेनाओं के मामले में एकल सलाहकार के रूप में कार्य करते हैं।
- भारत के सीडीएस सैन्य मामलों के विभाग (DMA) के सचिव होते है।
- तीनों सेनाओं के बीच संचालन, लॉजिस्टिक, परिवहन, संचार, और ट्रेनिंग में बेहतरीन तालमेल सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी इन पर होती है।
- चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के स्थायी अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं।
- परमाणु कमान प्राधिकरण के सैन्य सलाहकार के तौर पर कार्य करते हैं।
आपको बता दें कि इसके अलावा सीडीएस के विभिन्न कार्य भी होते हैं।
CDS बनने के लिए क्या पढ़ाई करनी होती है?
जैसा कि हमने आपको बताया कि यह सेना का सर्वोच्च पद है। इसका अर्थ यह है कि इसके लिए कोई अलग से डिग्री या कोर्स नहीं होता है। इस पद के लिए चुनाव सर्विंग (Serving) और रिटायर्ड जनरल, लेफ्टिनेंट जनरल, एयर मार्शल और वाइस एडमिरल में से चुना जाता है।
सेना में जाने के लिए देनें होंगे यह एग्जाम
भले ही चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद पर पहुंचने के लिए कोई अलग से डिग्री या कोर्स नहीं है, लेकिन इस पद पर पहुंचने के लिए आपको सेना में शामिल तो होना ही होगा, जिसकी योग्यता आपके लिए जानना जरूरी है। कक्षा 12वीं पास उम्मीदवार UPSC द्वारा आयोजित की जाने वाली NDA यानी नेशनल डिफेंस अकेडमी की परीक्षा में शामिल हो सकते है। वहीं ग्रेजुएट उम्मीदवार यूपीएससी की कंबाइंड डिफेंस सर्विस परीक्षा में शामिल होकर सेना में अधिकारी बन सकते हैं। इसके साथ ही आपका सीडीएस बनने का सफर शुरू होगा।
