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भारत का मानक समय देश के किस शहर से तय होता है? जनरल नॉलेज के लिए है जरूरी

India Standard Time: भारत दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश है, लेकिन यहां मानक समय एक ही चलता है। ऐसे में आपने कभी सोचा की भारत के किस हिस्से के अनुसार, देश का मानक समय तय किया गया है?

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भारत का मानक समय देश के किस शहर से तय होता है? जनरल नॉलेज के लिए है जरूरी

India Standard Time: भारत क्षेत्रफल की दृष्टि से दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश है, जो पूर्व में अरुणाचल प्रदेश से लेकर पश्चिम में गुजरात तक फैला हुआ है। देशांतरीय विस्तार अधिक होने के बावजूद भारत में एक ही मानक समय चलता है। लेकिन सवाल यह नहीं है कि भारत का स्टैंडर्ड टाइम क्या है, बल्कि सवाल यह है कि देश के किस हिस्से से भारत का मानक समय तय किया जाता है। भारत का मानक समय IST है, लेकिन इसे किस स्थान पर तय किया जाता है, इसके बारे में अधिकांश लोगों को मालूम नहीं है, वहीं जिन्हें कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें दो शहरों में कंफ्यूजन भी है। तो आइए जानते हैं भारत के मानक समय के बारे में विस्तार से -

भारत के पूर्वी और पश्चिमी छोर में 2 घंटे का अंतर

भारत का देशांतरीय विस्तार अधिक होने के कारण देश के पूर्वी और पश्चिमी छोर के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का अंतर आ जाता है। इस स्थिति से निपटने और पूरे देश में एक समान समय व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक मानक समय रेखा का चयन किया गया है। भारत का यह राष्ट्रीय मानक समय उत्तर प्रदेश के एक ऐतिहासिक शहर से निर्धारित होता है। आइए अब उस शहर के बारे में जानते हैं।

किस शहर से तय होता है भारत का मानक समय?

भारतीय मानक समय (Indian Standard Time - IST) का निर्धारण उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) जिले के नैनी के समीप से गुजरने वाली देशांतर रेखा के आधार पर किया जाता है। भारत का मानक समय 82.5° पूर्व (82° 30°/E) देशांतर रेखा (Longitude) पर आधारित है। यह रेखा नैनी, प्रयागराज और मिर्जापुर के पास स्थित अमरावती चौराहे से होकर गुजरती है, जिसे देश का केंद्रीय क्लॉक टावर माना जाता है। यहीं से पूरे भारत की घड़ियों का समय निर्धारित और संचालित किया जाता है।

ग्रीनविच मीन टाइम से कितना आगे है IST?

दुनिया भर में मानक समय का निर्धारण ब्रिटेन के लंदन स्थित ग्रीनविच (Greenwich Mean Time - GMT) या समन्वित वैश्विक समय (UTC) से किया जाता है। भारतीय मानक समय (IST) ग्रीनविच मानक समय (GMT/UTC) से 5 घंटे 30 मिनट आगे (UTC+5:30) है। अब आप सोच रहे होंगे ऐसे कैसे। तो बता दें कि पृथ्वी को 360° घूमने में 24 घंटे का समय लगता है। यानी 1° देशांतर घूमने में 4 मिनट का समय लगता है। जब हम 82.5° को 4 मिनट से गुणा करते हैं, तो 82.5° मिनट आते हैं, जो कुल 5 घंटे और 30 मिनट के बराबर होते हैं और क्योंकि भारत ग्रीनविच के पूर्व में स्थित है, इसलिए यहां का समय आगे रहता है।

भारत की मानक समय रेखा किन राज्यों से होकर गुजरती है?

82.5° पूर्वी देशांतर रेखा भारत के 5 राज्यों से होकर गुजरती है। प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे UPSC, SSC, UPPSC) में अक्सर इससे संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए उम्मीदवारों को इसके बारे में पता होना चाहिए। यह न केवल प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी है, बल्कि आपकी जनरल नॉलेज का विकास भी होता है।

राज्य का नाम
उत्तर प्रदेश (प्रयागराज/मिर्जापुर)
मध्य प्रदेश
छत्तीसगढ़
ओडिशा
आंध्र प्रदेश
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क्यों उत्तर प्रदेश से ही तय होता है भारत का मानक समय

यह जानने के बाद कि भारत के 5 राज्यों के मानक समय रेखा गुजरती है, तो एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है 'क्यों उत्तर प्रदेश के नैनी प्रयागराज के आधार पर समय तय किया गया है? क्यों गुजरात या छत्तीसगढ़ से नहीं? सवाल अच्छा भी है। आइए आपको इसका उत्तर दे -

जैसा की हमने शुरुआत में बताया कि भारत के पूर्वी छोर और पश्चिमी छोर के बीच 2 घंटे का अंतर है। इसलिए भारत का मानक समय गुजरात (पश्चिमी छोर) और अरुणाचल (पूर्वी छोर) के समय के आधार पर तय किया जा सकता है। बता दें कि गुजरात से अरुणाचल प्रदेश के बीच 29 देशांतर का अंतर है। यही कारण है कि भारत को एक समान तय करने के लिए एक स्थान का चयन करना जरूरी था, जो मध्य में हो। पूरे देश में एक समान समय बनाए रखने के लिए, 82.5° पूर्वी देशांतर का मानक चुना गया और यह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्थित नैनी से लिया गया।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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