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China में कितने टाइम जोन है? जानिए यहां प्रशासनिक काम किस टाइम के आधार पर चलता है

China दुनिया के सबसे बड़े देशों में से एक है। एक समय पर यहां पांच टाइम जोन हुआ करते थे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज यहां कितने Time Zones है। यहां होने काम के लिए किस मानक समय को फॉलो किया जाता है।

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China में कितने टाइम जोन है (Photo - AI)

China क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व के सबसे बड़े देशों में से एक है। इसका फैलाव पूर्व से पश्चिम तक देखने को मिलता है। इसके आकार के देशों में दो या उससे अधिक टाइम जोन चलते हैं। लेकिन क्या आपको चीन की टाइम जोन व्यवस्था के बारे में पता है। क्या आप जानते हैं कि चीन में कितने टाइम जोन है और किस स्टैंडर्ड टाइम के अनुसार, यहां प्रशासनिक कार्य को पूरा किया जाता है। यूपीएससी, एसएससी और अन्य प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।

चीन में कितने टाइम जोन है?

बता दें कि 96 लाख वर्ग किलोमीटर में फैले इस देश के भौगोलिक रूप को देखते हुए यहां कम से कम पांच अलग-अलग टाइम जोन होने चाहिए। हालांकि, इसके बावजूद पूरे चीन में आधिकारिक रूप से केवल एक ही टाइम जोन लागू होता है। यह सुनने में थोड़ा हैरान कर देने वाला लगता है। इस अनूठी व्यवस्था के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोगों के दिनचर्या और प्रशासनिक कामकाज का तरीका दुनिया के अन्य बड़े देशों से काफी अलग है। आइए विशाल भूभाग वाले चीन में समय का प्रबंधन किस प्रकार किया जाता है जानते हैं।

चीन का टाइम जोन

भौगोलिक स्थिति के अनुसार चीन का विस्तार लगभग 60 डिग्री देशांतर (Longitude) में फैला हुआ है, जिसके आधार पर इसे करीब 5 टाइम जोन में विभाजित किया जाना चाहिए। बता दें कि वर्ष 1949 से पहले चीन में पांच अलग-अलग टाइम जोन थे भी। लेकिन वर्ष 1949 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के सत्ता में आने के बाद और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना के साथ ही पूरे देश में आधिकारिक तौर पर एक मानक समय लागू कर दिया गया।

प्रशासनिक कार्य किस टाइम के आधार पर चलती हैं?

चीन में पूरे देश की प्रशासनिक, वित्तीय, शैक्षणिक और परिवहन व्यवस्था को बीजिंग समय (Beijing Time) के आधार पर चलाया जाता है। चीन मानक समय (China Standard Time - CST) बीजिंग का स्थानीय समय ही पूरे देश का आधिकारिक मानक समय है, जो ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) या समन्वित वैश्विक समय (UTC) से 8 घंटे आगे (UTC+8) है। देश के सभी सरकारी कार्यालय, अदालतें, शेयर बाजार, बैंक, स्कूल, ट्रेन, और फ्लाइट्स केवल बीजिंग समय के अनुसार ही संचालित होते हैं। चाहे कोई नागरिक राजधानी बीजिंग में हो या हजारों किलोमीटर दूर पश्चिमी सीमा पर स्थित शिनजियांग में, हर जगह आधिकारिक घड़ियां केवल एक ही समय दिखाती है। इसमें अन्य शहरों के समय को लेकर लोगों में किसी प्रकार की कोई कंफ्यूजन नहीं है।

एक ही टाइम जोन लागू करने का मुख्य उद्देश्य

चीन द्वारा पूरे देश में एकल टाइम जोन लागू करने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक कारण हैं। पहला कारण है राष्ट्रीय एकता और केंद्रीय नियंत्रण। 1949 में कम्युनिस्ट सरकार ने देश में प्रशासनिक एकरूपता लाने और बीजिंग स्थित केंद्रीय सरकार की पकड़ को मजबूत करने के लिए पूरे देश को एक ही समय से बांधने का फैसला किया। दूसरा कारण की बात करें तो वह है आर्थिक और प्रशासनिक तालमेल। एक ही टाइम जोन होने से देश भर के बाजारों, बैंकों और सरकारी विभागों के बीच कामकाज का समय समान रहता है, जिससे अंतरराज्यीय व्यापार और संचार में सहूलियत होती है।

सामान्य जीवन पर क्या है इसका प्रभाव

एक ही टाइम जोन होने के कारण चीन के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में लोगों के दैनिक जीवन में जमीन-आसमान का अंतर देखने को मिलता है।

पूर्वी चीन (बीजिंग, शंघाई): यहां का सूर्योदय और सूर्यास्त बीजिंग टाइम के बिल्कुल अनुकूल होता है, जिससे लोगों की दिनचर्या सामान्य रूप से चलती है।

पश्चिमी चीन (शिनजियांग और तिब्बत): पश्चिमी क्षेत्र बीजिंग से बहुत दूर है। इसके कारण शिनजियांग जैसे इलाकों में बीजिंग समय के अनुसार दोपहर में सूरज सबसे ऊंचाई पर होता है। गर्मियों के दौरान रात के 10 बजे भी यहां चटक धूप खिली रहती है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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