उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी और वाराणसी में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। पानी भरने से आम लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। हालात को देखते हुए लखीमपुर खीरी में मंगलवार, 2 सितंबर को कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। लखीमपुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण तिवारी ने मौसम और जलभराव की स्थिति को देखते हुए यह आदेश जारी किया है। जिले में कक्षा 8 तक के स्कूल मंगलवार को बंद रहेंगे।
वाराणसी में भी हालात खराब
लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण वाराणसी में गंगा का पानी कई इलाकों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। वरुणा नदी के आसपास जलभराव से प्रभावित कुछ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत शिविरों में भेजा गया है।
जलभराव इतना ज्यादा है कि कई जगह लोगों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। वाराणसी के मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर भी अंतिम संस्कार के लिए लोगों को छतों और आसपास की गलियों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
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गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर
केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.28 मीटर दर्ज किया गया। यह 70.26 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर है, जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर है।
CWC के मुताबिक गंगा का जलस्तर करीब 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। वाराणसी में अब तक गंगा का सबसे अधिक दर्ज जलस्तर 73.901 मीटर रहा है।
लखीमपुर में ट्रेन सेवा भी प्रभावित
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का पानी बढ़ने से रेल यातायात पर भी असर पड़ा है। भीरा और पलिया स्टेशनों के बीच पानी रिसने के कारण मेलानी-नानपारा रेलखंड पर करीब आधा दर्जन ट्रेनों को रोकना पड़ा है। उत्तर पूर्व रेलवे के अधिकारियों के अनुसार मेलानी, बिछिया और नानपारा के बीच ट्रेन सेवा अगले आदेश तक बंद रहेगी।
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