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चलती ट्रेन में दीपक जलाना पड़ा महंगा! बर्थ पर पूजा कर रहा था यात्री, मामला दर्ज, मध्य रेलवे ने दिया अपडेट

चलती ट्रेन में अपनी बर्थ पर पूजा करते समय दीपक जलाने के आरोप में 55 वर्षीय एक यात्री को ट्रेन से नीचे उतार दिया गया और उसके खिलाफ पुलिस मामला दर्ज किया गया है।

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प्रतीकात्मक AI Image

चलती ट्रेन में अपनी बर्थ पर पूजा करते समय दीपक जलाने के आरोप में 55 वर्षीय एक यात्री को ट्रेन से नीचे उतार दिया गया और उसके खिलाफ पुलिस मामला दर्ज किया गया है। मध्य रेलवे के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेनों के भीतर ज्वलनशील पदार्थ न ले जाएं और न ही दीपक, मोमबत्ती या अगरबत्ती जलाएं। रेलवे ने चेतावनी दी है कि ऐसी हरकतों से आग लग सकती है और यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है।

अधिकारियों ने बताया कि यह घटना 31 अगस्त को ट्रेन संख्या 12782 (हजरत निजामुद्दीन-मैसूर एक्सप्रेस) में हुई। सूचना मिलने पर अधिकारियों ने कोच ए-1 में एक टिकट जांच कर्मचारी को भेजा, जहां मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी गरीब नामक यात्री ने बर्थ संख्या 17 पर दीपक जला रखा था।

यात्री के पास से एक माचिस, पीतल का दीपक और स्टील का डिब्बा बरामद

मध्य रेलवे की विज्ञप्ति के अनुसार, यात्री के पास से एक माचिस, पीतल का दीपक और एक स्टील का डिब्बा बरामद किया गया। कार्रवाई के लिए यात्री को भुसावल स्टेशन पर उतार लिया गया।विज्ञप्ति में बताया गया कि टीटीई (टिकट परीक्षक) ने यात्री से लौ को बुझाने के लिए कहा था और समझाया था कि इससे आग लग सकती है, जिससे यात्रियों और रेलवे संपत्ति को खतरा हो सकता है। हालांकि, आरोप है कि यात्री ने दीपक बुझाने से पहले अपनी पूजा पूरी करने की जिद की।

इस पूरी घटना को टीटीई ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी कर लिया था

मध्य रेलवे ने बताया कि इस पूरी घटना को टीटीई ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी कर लिया था।जारी विज्ञप्ति के अनुसार, मंगलवार को रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 153 और 145(बी) के तहत यात्री के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(सी) के तहत नोटिस देकर रिहा कर दिया गया।

पांच साल तक की जेल की सजा का प्रावधान

रेलवे अधिनियम की धारा 153 यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्यों के लिए पांच साल तक की जेल की सजा का प्रावधान करती है। वहीं धारा 145(बी) ज्वलनशील पदार्थ ले जाने या उनका उपयोग करने से संबंधित है, जिसमें रेलवे परिसर से हटाए जाने, 5,000 रुपये के जुर्माने और कुछ परिस्थितियों में पांच साल तक की कैद का प्रावधान शामिल है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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