Times Now Education Summit: हरियाणा के युवा सशक्तिकरण, उद्यमिता एवं खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौरव गौतम ने 'TimesNow.in एजुकेशन समिट 2026: ग्लोबल परफॉर्मेंस की अगली पीढ़ी का निर्माण' प्रोग्राम में युवाओं के सर्वांगीण विकास पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा और खेल युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के दो मुख्य आधार हैं। गौरव गौतम के अनुसार, शिक्षा जहां युवाओं में सही लक्ष्य तय करने और सोचने-समझने की क्षमता विकसित करती है, वहीं खेल उन्हें अनुशासित रहने, कठिन परिस्थितियों व दबाव में सटीक निर्णय लेने और असफलता को स्वीकार कर आगे बढ़ने की सीख देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की युवा पीढ़ी केवल अच्छे अंक लाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह स्किल, नॉलेज और टेक्नोलॉजी के बल पर वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रही है। जब दोनों का संगम बनता है, तो युवा के लक्ष्य, अनुशासन और चरित्र का निर्माण होता है।
हरियाणा के खेल मंत्री ने बताया शिक्षा और खेल का महत्व
गौरव गौतम ने शिक्षा और खेल को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए समाज की पुरानी सोच को बदलने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने उस पारंपरिक धारणा को पूरी तरह बदल दिया है, जिसमें माना जाता था कि केवल पढ़ाई-लिखाई से ही जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है और खेल सिर्फ मनोरंजन का साधन हैं। उन्होंने कहा, ''पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे बनोगे लाजवाब''। बकौल गौरव गौतम, खेल युवाओं को अनुशासित रहने और कठिन परिस्थितियों व दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की कला सिखाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल किसी छात्र के मार्क्स देखकर उसके अनुशासन और क्षमता का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। इसके विपरीत, मैदान पर एक खिलाड़ी का परिश्रम और अपने लक्ष्य के प्रति उसकी निष्ठा ही उसके असली अनुशासन को दर्शाती है।
स्किल और स्टार्टअप पर अधिक जोर
गौरव गौतम ने आगे कहा कि नई शिक्षा व्यवस्था में युवाओं को केवल अंकों तक सीमित रखने के बजाय स्किल, नॉलेज और स्टार्टअप के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने हरियाणा में स्किल यूनिवर्सिटी, आईटीआई और पॉलिटेक्निकल सिस्टम के जरिए युवाओं को रोजगार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने डुअल ट्रेनिंग सिस्टम के जरिए युवाओं को कंपनियों से जोड़ने की पहल की है, जिसमें कंपनियां अपनी जरूरत के मुताबिक कोर्स और ट्रेनिंग से जुड़ती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम सेतु के माध्यम से आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्किल एजुकेशन सिस्टम को बड़ी कंपनियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि युवाओं को उद्योग की मौजूदा जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके।
टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ेंगे खिलाड़ी
गौरव गौतम ने खेलों में टेक्नोलॉजी और AI के इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि हरियाणा में खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में लगातार आईआईटी, आईआईएम, स्किल यूनिवर्सिटी, पॉलिटेक्निक सिस्टम और न्यू एजुकेशन पॉलिसी के साथ पढ़ाई की जा रही है। न्यू एजुकेशन पॉलिसी ने साबित किया है कि अंकों के अलावा स्किल्स और नॉलेज के माध्यम से युवा आगे बढ़ सकते हैं।
हरियाणा भारत की कुल आबादी का केवल 2 फीसदी है, लेकिन जब मेडलों की बात आती है तो आधे से ज्यादा मेडलों पर हरियाणा के खिलाड़ियों का कब्जा होता है। हम खेलों के क्षेत्र में एआई (AI) और टेक्नोलॉजी को भी खिलाड़ियों के साथ जोड़कर आगे बढ़ा रहे हैं। जब से केंद्र में नरेंद्र मोदी जी और हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है, तब से युवाओं और खिलाड़ियों को टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
मिशन ओलंपिक 2036
गौरव गौतम ने आगे कहा कि हरियाणा सरकार ने 'मिशन ओलंपिक 2036' की तैयारी शुरू करने की दिशा में काम किया है। इसके तहत AI आधारित तकनीक, विदेशी कोच और आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों के जरिए खिलाड़ियों की क्षमता बढ़ाने पर जोर देने की बात भी कही गई।
नशे को बताया युवाओं के सामने बड़ी चुनौती
गौरव गौतम ने युवाओं में नशे को एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने आगे कहा कि नशा युवाओं के सपनों और प्रतिभा को नुकसान पहुंचाता है। इससे परिवार भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाने से इस समस्या का समाधान नहीं होगा। युवाओं की ऊर्जा को शिक्षा, स्किल और खेलों की ओर मोड़ना भी जरूरी है। उन्होंने 'फिट इंडिया, फिट हरियाणा' जैसे अभियानों के जरिए युवाओं को जागरूक करने की बात की।
हरियाणा में देश की पहली स्किल यूनिवर्सिटी
उन्होंने कहा कि आज हरियाणा प्रदेश मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी के नेतृत्व में स्किल्स, स्टार्टअप्स और खिलाड़ियों के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। हरियाणा देश का पहला ऐसा प्रदेश बना जिसने देश की पहली स्किल यूनिवर्सिटी खोली, जिसने हजारों युवाओं को कुशल बनाकर आगे बढ़ाया। जिस देश का युवा स्किल्ड होगा, उस देश को विकसित होने से कोई नहीं रोक सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के युवाओं के सामने 'विकसित भारत 2047' का संकल्प रखा है। 2047 में भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, सबसे स्वस्थ, शिक्षित और मजबूत देश कैसे बनेगा, यह इस पीढ़ी पर निर्भर करता है।
'विकसित भारत 2047 कक्षाओं, मैदानों और लैब से निकलेगा'
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का जिक्र करते हुए गौरव गौतम ने कहा कि भारत का भविष्य केवल कक्षाओं में नहीं, बल्कि खेल के मैदानों, लैब, स्किल सेंटर और स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी तैयार होगा। उन्होंने कहा, "वो विकसित भारत हमारी कक्षाओं से निकलकर होगा, हमारे खेल के मैदान से होकर निकलेगा, हमारी लैब से निकलेगा, हमारे स्किल सेंटर से निकलेगा और हमारे स्टार्टअप से निकलेगा। सबसे बढ़कर वो विकसित भारत हमारे युवाओं के सपनों से होकर निकलेगा।" उन्होंने युवाओं से शिक्षा और खेल दोनों से जुड़ने, स्वस्थ रहने और नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी के सपनों और भारत के विकास के बीच युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
अपने संबोधन के अंत में गौरव गौतम ने Times Now.in Education Summit के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा, आइडियाज, स्पोर्ट्स, स्किल और ड्रग-फ्री भारत जैसे विषयों पर संवाद युवाओं के लिए प्रेरणा का माध्यम बन सकता है।
