UPI Charge Controversy: यूपीआई (UPI) लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के फैसले को लेकर देश में शुरू हुई सियासत पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है। राहुल गांधी के 'अमेरिकी दबाव' वाले आरोपों को खारिज करते हुए सिंधिया ने कहा कि राहुल गांधी को हर जगह सिर्फ "अमेरिका का भूत" नजर आता है। उन्हें देश के निर्माण और प्रगति की बात नजर नहीं आती, बल्कि वे देश और विदेश दोनों जगह भारत की छवि को नीचा दिखाने में लगे रहते हैं।
दरअसल, राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में आकर सरकार यूपीआई पर शुल्क लगा रही है। इस पर सिंधिया ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि नए नियमों के तहत आम ग्राहकों या आम जनता पर एक पैसे का भी अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। यह शुल्क केवल और केवल व्यापारियों (मर्चेंट्स) पर लागू होगा, वह भी उन मर्चेंट्स पर जिनका महीने का यूपीआई टर्नओवर 1 लाख रुपये से अधिक है।
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सिंधिया ने आंकड़ों के जरिए समझाया कि देश में होने वाले कुल 360 लाख करोड़ रुपये के यूपीआई लेनदेन में से 96 फीसदी लेनदेन 2,000 रुपये से कम के होते हैं। ऐसे में 2,000 रुपये तक के लेनदेन पर शून्य (0%) चार्ज रहेगा। सिर्फ 4 फीसदी बड़े व्यावसायिक लेनदेन पर ही 0.4 प्रतिशत का शुल्क लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई है। इसके अलावा, दोस्तों या रिश्तेदारों को भेजे जाने वाले पैसों (Person-to-Person) पर यह पूरी तरह फ्री रहेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने, सर्वर नेटवर्क को सुधारने और ग्रामीण इलाकों के छोटे व्यापारियों को इस सिस्टम से जोड़ने के लिए यह व्यवस्था जरूरी है। क्रेडिट कार्ड (1.5% से 2.5%) और डेबिट कार्ड (0.9%) की तुलना में यूपीआई का 0.4% दर बेहद मामूली है। सिंधिया ने साफ किया कि 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाला यह ढांचा किसी भी तरह से आम यूजर की जेब को प्रभावित नहीं करेगा और ग्राहकों से चार्ज वसूलना गैर-कानूनी माना जाएगा।
