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DUSU चुनाव से पहले NSUI-ABVP में तकरार, दोनों पक्षों में हाथापाई; हॉस्टल के ऐलान पर गर्माया माहौल

ABVP दिल्ली के प्रदेश सचिव सार्थक शर्मा ने NSUI की आलोचना पर पलटवार किया। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस-IYC-NSUI द्वारा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता पर LC-1 के बाहर जानलेवा हमला किया गया है।

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दिल्ली विश्वविद्यालय (फोटो-Twitter)

दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव (डूसू) से पहले माहौल गरमाता जा रहा है। दिल्ली सरकार की ओर से 10 हजार छात्रों के लिए छात्रावास बनाने की घोषणा को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) आमने-सामने आ गए हैं। NSUI ने घोषणा के समय पर सवाल उठाते हुए प्रस्तावित छात्रावासों की जगह, बजट, निर्माण की समयसीमा, फीस और पात्रता से जुड़ी जानकारी मांगी है। वहीं, ABVP ने NSUI पर छात्र आवास के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस-IYC-NSUI द्वारा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता पर LC-1 के बाहर जानलेवा हमला किया गया है। यह बेहद शर्मनाक है। जब NSUI को प्रचार के लिए कोई नहीं मिल रहा, तो कांग्रेस-IYC के गुंडे आकर इस तरह परिसर का माहौल खराब कर रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इसकी निंदा करती है और इसपर कार्रवाई हेतु मांग करती है।

उधर, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव से पहले विश्वविद्यालय के परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है और प्रचार, मतदान और मतगणना के दौरान पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 2,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया जाएगा।

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि संगठन छात्रावास बनाने के फैसले का विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि इसकी टाइमिंग, पारदर्शिता और क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा रहा है। उन्होंने कहा कि DUSU चुनाव में मतदान से सिर्फ दो दिन पहले 10 हजार छात्रों के लिए छात्रावास की घोषणा की गई है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रावास कहां बनाए जाएंगे, इन्हें कब तक तैयार किया जाएगा, इसके लिए कितना बजट तय किया गया है और छात्रों से कितनी फीस ली जाएगी।

जाखड़ ने कहा कि दिल्ली में सुरक्षित और किफायती छात्र आवास की जरूरत पहले से थी। ऐसे में अब तक इस समस्या पर पर्याप्त ध्यान क्यों नहीं दिया गया, यह भी स्पष्ट होना चाहिए। NSUI ने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले घोषणा किए जाने से इसके उद्देश्य और समय को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

ABVP ने NSUI पर साधा निशाना

ABVP दिल्ली के प्रदेश सचिव सार्थक शर्मा ने NSUI की आलोचना पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि NSUI ने पहले छात्रावासों की कमी का मुद्दा उठाया था और अब छात्रों की आवास संबंधी जरूरत को पूरा करने के लिए की गई घोषणा पर सवाल उठा रही है।

शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस-NSUI छात्रों से जुड़े मुद्दों का राजनीतिकरण कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के दिल्ली में लंबे समय तक सत्ता में रहने का जिक्र करते हुए सवाल किया कि उस दौरान छात्रों के लिए पर्याप्त, सुरक्षित और सुलभ छात्रावास उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए गए।

ABVP नेता ने कहा कि छात्रों के लिए आवास एक गंभीर मुद्दा है और इसे राजनीतिक मुद्दे तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ABVP लगातार छात्रावासों की क्षमता बढ़ाने और छात्रों के लिए सुरक्षित, किफायती तथा सुलभ आवास की मांग करती रही है।

कब होगा दिल्ली विश्वविद्यालय का चुनाव?

तय तारीख के मुताबिक, डूसू चुनाव 18 सितंबर शुक्रवार को होने हैं। डे-क्लास के हिसाब से मतदान सुबह 8:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:00 बजे तक चलेगा और इवनिंग क्लास के लिए दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:30 मिनट तक होना है। वोटों की गिनती दिल्ली विश्वविद्यालय के मल्टीपर्पस हॉल में 19 सितंबर को होगी।

इंडियन यूथ कांग्रेस ने भी किया मार्च

इसी बीच, इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय में बेहतर, सुरक्षित और किफायती छात्रावास की मांग को लेकर मार्च निकाला। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने छात्रों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। चिब ने कहा कि दिल्ली आने वाले छात्रों के लिए छात्रावास बुनियादी जरूरत है। उन्हें महंगे किराए और असुरक्षित आवास की चिंता नहीं करनी चाहिए। उन्होंने सरकार और दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन से घोषणाओं के बजाय उन्हें जमीन पर लागू करने की मांग की। छात्रावासों की कमी का सबसे ज्यादा असर सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले छात्रों पर पड़ रहा है। ऐसे छात्रों के परिवारों की आय का बड़ा हिस्सा निजी आवास पर खर्च हो रहा है। DUSU चुनाव के लिए प्रचार अभियान बुधवार को समाप्त होने वाला है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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