एजुकेशन

AI टैलेंट तैयार करने में जुटे IIT, जोधपुर ने शुरू किया BS प्रोग्राम तो कानपुर लाया 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती तकनीकों में शामिल है। हेल्थकेयर, बैंकिंग, शिक्षा, मैन्युफैक्चरिंग और आईटी जैसे लगभग हर क्षेत्र में AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ऐसे में भारत में भी एआई विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है।

Image

AI टैलेंट तैयार करने में जुटे IIT

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती तकनीकों में शामिल है। हेल्थकेयर, बैंकिंग, शिक्षा, मैन्युफैक्चरिंग और आईटी जैसे लगभग हर क्षेत्र में AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ऐसे में भारत में भी एआई विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। आने वाले कुछ वर्षों में देश के भीतर लाखों एआई विशेषज्ञों की आवश्यकता होगी। इसी जरूरत को देखते हुए देश के प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) अब AI टैलेंट तैयार करने पर विशेष जोर दे रहे हैं। हाल के दिनों में IIT जोधपुर और IIT कानपुर ने AI से जुड़े नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनका उद्देश्य छात्रों और कामकाजी पेशेवरों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना है।

IIT कानपुर का 6 महीने का AI सर्टिफिकेट कोर्स

दूसरी ओर IIT कानपुर ने छात्रों और वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए छह महीने का ऑनलाइन सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है। इसका उद्देश्य उन लोगों को नई तकनीकी स्किल्स देना है जो नौकरी के साथ-साथ खुद को अपस्किल करना चाहते हैं। इस कोर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और बिजनेस एनालिटिक्स जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। कोर्स में लाइव क्लास, प्रैक्टिकल असाइनमेंट, केस स्टडी और इंडस्ट्री आधारित प्रोजेक्ट शामिल किए गए हैं, ताकि प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक नहीं बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी मिल सके।

IIT जोधपुर का नया BS प्रोग्राम

IIT जोधपुर ने हाल ही में नया बैचलर ऑफ साइंस (BS) प्रोग्राम शुरू किया है। खास बात यह है कि कुछ कार्यक्रमों में पारंपरिक JEE प्रवेश प्रक्रिया के बजाय अलग प्रवेश व्यवस्था भी अपनाई जा रही है, जिससे अधिक छात्रों को अवसर मिल सके। यह कार्यक्रम छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, मैनेजमेंट और आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान देने पर केंद्रित है। इस प्रोग्राम में केवल सैद्धांतिक पढ़ाई ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप और वास्तविक समस्याओं पर काम करने का भी मौका मिलेगा। इससे छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी या स्टार्टअप दोनों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।

छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा

इन नए कार्यक्रमों से छात्रों को उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण मिलेगा। साथ ही वे आधुनिक तकनीकों पर काम करने, रिसर्च करने और स्टार्टअप शुरू करने के लिए भी तैयार होंगे। वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए भी ऐसे कोर्स करियर में नई संभावनाएं खोल सकते हैं, क्योंकि AI स्किल्स आज लगभग हर सेक्टर में तेजी से मांग में हैं।

क्यों बढ़ रही है AI प्रोफेशनल्स की मांग?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI से जुड़े रोजगार तेजी से बढ़ेंगे। कंपनियां ऐसे प्रोफेशनल्स की तलाश कर रही हैं जिन्हें मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, जनरेटिव AI और ऑटोमेशन जैसी तकनीकों की अच्छी समझ हो। यही वजह है कि IIT जैसे संस्थान अब पारंपरिक इंजीनियरिंग शिक्षा के साथ-साथ AI आधारित विशेष पाठ्यक्रम भी शुरू कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, IIT जोधपुर और IIT कानपुर की यह पहल दिखाती है कि भारत केवल AI तकनीक का उपयोग करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि भविष्य के लिए बड़ी संख्या में AI टैलेंट भी तैयार कर रहा है। आने वाले समय में ऐसे कोर्स देश को वैश्विक AI हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article