Haryana Diwas: पंजाब (Punjab) राज्य से अलग होकर बने नये राज्य हरियाणा का आज 56वां स्थापना दिवस (56th Foundation Day) है। 1 नवंबर 1966 को हरियाणा का गठन किया गया था। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल समेत कई देश के कई बड़े नेताओं ने ट्वीट कर हरियाणावासियों को हरियाणा दिवस की बधाई दी है। हरियाणा को फूड बाउल ऑफ इंडिया (Food Bowl of India) और साथ ही कृषि प्रधान क्षेत्र होने की कारण इसे ग्रीन लैंड ऑफ इंडिया (Green Land of India) कहा जाता है। खेती किसानी से लेकर खेलों की जब बात होती है हरियाणा का जिक्र सबसे ऊपर होता है। 26 अक्टूबर 2014 को मनोहर लाल खट्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री बने और प्रदेश की राजनीति में भाई-भतीजावाद पर एक ब्रेक लगा। फरीदाबाद में बीजेपी ने जन उत्थान रैली में गृहमंत्री अमित शाह ने सीएम मनोहर लाल खट्टर की जमकर तारीफ करते हुए कहा था कि पिछले आठ साल में खट्टर सरकार ने हरियाणा को बदल दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हरियाणा के सीएम की पीठ थपथपा चुके हैं। हरियाणा दिवस के अवसर पर जानते हैं कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आठ वर्ष के कार्यकाल में हरियाणा में किन किन क्षेत्रों में बदलाव हुए और प्रदेश की तस्वीर बदली।
बजट में युवाओं के लिए थीं ये बात
हरियाणा के आम बजट में निजी क्षेत्रों में रोजगार के लिए 200 मेले लगाने का लक्ष्य रखा गया था और युवाओं को विदेशों में प्लेसमेंट कराने के लिए हरियाणा विदेश रोजगार प्लेसमेंट सेल स्थापित करने की बात कही। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी दो साल में इस सेल के माध्मय से एक लाख से अधिक युवाओं का प्रशिक्षण और प्लेसमेंट कराया जाएगा। बजट में प्रावधान किया है कि विदेश में नौकरी तलाशने वाले युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं विकास तंत्र तैयार किया जाएगा। सरकार ने परिवार पहचान पत्र के माध्यम से बेरोजगार युवाओं की असली संख्या पता लगाई है और इन युवाओं को उद्यमी और रोजगार योग्य बनाने के लिए रणनीति पर काम हो रहा है। रोजगार पोर्टल पर 14574 कर्मचारियों और 27 जॉब एग्रीगेटर्स को जोड़ा गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में अहम साबित हुए ये फैसले
शिक्षा के क्षेत्र में मनोहर लाल खट्टर का यह फैसला काफी अहम साबित हुआ। महिलाओं की शिक्षा के लिए 20 किलोमीटर पर महिला महाविद्यालय खोलने का फैसला किया और तकरीबन चार दर्जन महाविद्यालय शुरू हो चुके हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशें लागू करने वाला पहला राज्य हरियाणा ही था। मनोहर लाल खट्टर सरकार का दावा है कि उन्होंने एक साल में महिलाओं के लिए 15 सरकारी कॉलेज खोले। इतना ही बीते 6 साल में 67 नए राजकीय कॉलेज खोले हैं जिसमें 42 महिलाओं के हैं। सरकार का कहना है कि प्रदेश में महाविद्यालयों की संख्या 172 हो गई है। वहीं कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के सभी सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का प्रावधान है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में ये फैसले बने नजीर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल के दौरान पिछले 8 सालों में स्वास्थ्य क्षेत्र में कई अहम फैसले हुए। वर्ष 2014 में प्रदेश में 7 मेडिकल कालेज थे और एम.बी.बी.एस. सीटें केवल 700 थी। वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान 6 कालेज खोले गए और आज एम.बी.बी.एस. सीटों की संख्या बढ़कर 1735 हो गई है। 2025 तक राज्य के मेडिकल कालेजों में स्नातक सीटों की संख्या 3035 तक बढ़ाने का है। प्रदेश में मेडिकल कालेजों में क्रिटिकल केयर आई.सी.यू. की स्थापना के लिए हरियाणा सरकार को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन पुरस्कार-2021 से समानित किया गया। जानकारी के अनुसार, प्रदेश में एक मेडिकल यूनिवर्सिटी, 9 मेडिकल कालेज और 7 नर्सिंग कालेज स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद, रेवाड़ी, कैथल, कुरुक्षेत्र और पंचकूला में 6 नर्सिंग कालेज खोलने की घोषणा की थी। अब प्रदेश के 22 लाख परिवारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिल रहा है।
स्थानीय युवाओं को आरक्षण
निजी क्षेत्र की नौकरियों में स्थानीय युवाओं के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की ही गई है। खेलों के विकास में हरियाणा का कोई मुकाबला नहीं। सर्वाधिक पदकवीर इसी राज्य से आते हैं। पदक विजेता खिलाड़ियों को देश में सर्वाधिक पुरस्कार राशि हरियाणा में मिलती है, तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं की तैयारी के लिए अग्रिम राशि का भी प्रावधान है। युवाओं को खेल सुविधाओं देने के मामले में हरियाणा बाकी राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करता है।
