एजुकेशन

Happy Bhai Dooj Essay in Hindi: भाई दूज पर सबसे आसान हिन्दी निबंध ऐसे लिखें, क्लास के हीरो कहलाएंगे आप

Happy Bhai Dooj Essay in Hindi Bhai dooj Par Nibandh, 10 lines in Hindi (भाई दूज पर निबंध): दिवाली पर्व के बाद गोवर्धन और भाई दूज आते हैं। रक्षा बंधन की तरह ही भाई दूज का त्योहार भाई बहनों को समर्पित होता है। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक करके उन्हें मिठाई खिलाती हैं। साथ ही उनके लंबी उम्र और सफल जीवन की कामना करती हैं। स्कूल में आपको भाई दूज पर निबंध लिखना है तो हम आपको बता रहे हैं आसान तरीका।

Image

Happy Bhai Dooj Essay in Hindi

Bhai Dooj Essay in Hindi (भाई दूज पर निबंध): दिवाली पर्व के बाद गोवर्धन और भाई दूज आते हैं। दिवाली के तीसरे ही दिन भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। रक्षाबंधन की तरह ही भाई दूज (Bhai Dooj 2025) का त्योहार भी भाई बहनों को समर्पित होता है। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक करके उन्हें मिठाई खिलाती हैं। आने वाले 23 अक्टूबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इन त्योहारों के बारे में अवगत कराने के लिए कई बार स्कूलों में भी बच्चों को इस अवसर पर निबंध (Bhai Dooj Par Nibandh) लिखने के लिए कहा जाता है। स्कूल में आपको भाई दूज पर निबंध लिखना है तो हम आपको बता रहे हैं आसान तरीका।

निबंध लेखन में ध्यान रखने योग्य बातें

किसी भी विषय पर निबंध लिखते हुए ध्यान रखें कि आपकी भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए। कठिन भाषा के साथ व्याकरण संबंधी गलतियां आपके नंबर कटवा सकती हैं। इसके अलावा निबंध लिखते समय शब्द सीमा का विशेष ध्यान रखें। साथ ही अपनी हैंडराइटिंग पर भी ध्यान दें और ओवरराइटिंग करने से बचें।

Bhai Dooj Essay in Hindi: कब और कैसे मनाया जाएगा भाई दूज

हर साल भाई दूज कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें भाई को रोली–चावल से तिलक करती हैं और उनकी आरती करके मिठाई खिलाती है। भाई बहन आपस में एक दूसरे को उपहार देते हैं। भाई दूज पर हर बहन अपने भाई के प्रति प्यार व्यक्त करती है और उसकी लंबी उम्र व सफल जीवन की कामना करती है। बता दें कि इस त्योहार को ‘भाई टीका’, ‘भाई फोंटा’, ‘भाऊबीज’, ‘यम द्वितीया’, ‘भातृ द्वितीया’ और ‘भैया दूज’ के नाम से भी जाना जाता है।

Bhai Dooj Par Nibandh 2025: क्यों मनाया जाता है भाई दूज

भाई दूज को लेकर ऐसी मान्यता है कि कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि पर यम अपनी बहन के घर गए थे। वहां उन्होंने अपनी बहन द्वारा किए गए आदर सत्कार से प्रसन्न होकर वरदान दिया कि जो भाई बहन इस दिन यमुना में स्नान करके यम पूजा करेंगे उसे मृत्यु के बाद यमलोक नहीं जाना पड़ेगा। वहीं, एक अन्य मान्यता यह भी है कि भगवान कृष्ण जब नरकासुर राक्षस का वध करके द्वारका नगरी लौटे थे तब उनकी बहन सुभद्रा ने फूल, मिठाई और दीपक जलाकर उनका स्वागत किया था। साथ ही उनके मस्तक पर टीका लगाकर उनकी लंबी आयु की कामना की थी। तभी से भाई दूज का पर्व मनाया जाने लगा।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article