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ATM की शुरुआत कब और कहां हुई थी? किस बैंक ने पहली बार शुरू किया था ATM

आप कभी भी कुछ ही मिनट में पास के ATM से कैश निकाल सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ATM की शुरुआत अमेरिका या इंग्लैंड में से किस देश से हुई? दुनिया में सबसे पहला ATM कब और कहां लगाया गया था?

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ATM की शुरुआत कब और कहां हुई थी? (Image - ChatGPT)

When was the worlds first ATM launched: आज बैंक से पैसे निकालने के लिए ATM का इस्तेमाल करना बेहद आम है। अब इस बारे में सोचना नहीं पड़ता कि बैंक खुला है या बंद है...आप कभी भी कुछ ही मिनट में पास के ATM से कैश निकाल सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ATM की शुरुआत अमेरिका या इंग्लैंड में से किस देश से हुई? दुनिया में सबसे पहला ATM कब और कहां लगाया गया था?

दुनिया के पहले ATM के बारे में पढ़ते समय आप अमेरिका और इंग्लैंड दोनों का नाम जानेंगे, ऐसे में भ्रमित होना स्वाभाविक है कि आखिर कहां ATM की शुरुआत हुई? ATM के इतिहास से जुड़े इन सवालों के जवाब काफी दिलचस्प लग सकते हैं।

दुनिया का पहला ATM कब शुरू हुआ?

दुनिया का पहला ऑपरेशनल ATM 27 जून 1967 को शुरू हुआ था। इसे लंदन के Enfield इलाके में Barclays Bank की शाखा में लगाया गया था। इसे दुनिया का पहला सफलतापूर्वक ऑपरेशनल कैश डिस्पेंसर माना जाता है।

हालांकि तक आज की तरह प्लास्टिक डेबिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं होता था। ग्राहक एक खास पेपर वाउचर मशीन में डालते थे और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीमित पैसे निकाल सकते थे। इस मशीन का उद्घाटन ब्रिटिश अभिनेता और कॉमेडियन Reg Varney द्वारा किया गया। वह इस मशीन से पैसे निकालने वाले पहले व्यक्ति बने थे।

अमेरिका में सबसे पहले किस बैंक ने ATM शुरू किया?

अमेरिका में पहली ATM सेवा Chemical Bank ने शुरू की थी। बैंक ने 2 सितंबर 1969 को न्यूयॉर्क के Rockville Centre स्थित अपनी शाखा में ATM लगाया था। यानी दुनिया में पहला ATM शुरू होने के करीब दो साल बाद अमेरिका में इसकी शुरुआत हुई।

अमेरिका की शुरुआती मशीन को Docutel ने विकसित किया था और इसे “Docuteller” के नाम से जाना गया। इस मशीन के विकास में Donald Wetzel की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

दुनिया के पहले ATM और आज के ATM में कितना अंतर है?

1967 की पहली मशीन सिर्फ सीमित मात्रा में कैश देने का काम करती थी। आज के ATM में कैश निकालने के अलावा बैलेंस चेक करने, मिनी स्टेटमेंट देखने, PIN बदलने और कई अन्य बैंकिंग सेवाओं की सुविधा मिलती है। इसके अलावा आप नोटों का चुनाव भी कर सकते हैं, और यह सब प्रक्रिया तेजी से पूरी होती है।

एक नजर में

दुनिया का पहला ATM27 जून 1967
पहला ATM बैंकBarclays Bank
पहला ATM स्थानEnfield, London, United Kingdom
पहली ATM विकसित करने वाली कंपनीDe La Rue Instruments
प्रमुख आविष्कारकJohn Shepherd-Barron
अमेरिका में पहला ATM2 सितंबर 1969
अमेरिका में पहला ATM लगाने वाला बैंकChemical Bank
अमेरिका की पहली ATM लोकेशनRockville Centre, New York
अमेरिकी ATM के विकास में प्रमुख कंपनीDocutel

इस तरह एक साधारण कैश डिस्पेंसर से शुरू हुई तकनीक ने धीरे-धीरे बैंकिंग का तरीका ही बदल दिया। आज ATM बैंकिंग व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

ATM के आविष्कारक को लेकर सालों से विवाद रहा है और दो स्कॉटिश लोगों ने इसका श्रेय लेने का दावा किया है। जेम्स गुडफेलो ने सबसे पहले पिन नंबर का इस्तेमाल करने वाली ऑटोमेटेड कैश मशीनों का पेटेंट कराया था - उन्होंने मई 1966 में अपना पेटेंट कराया था।

27 जून 1967 को, कॉमेडी एक्टर रेग वार्नी ने उत्तरी लंदन के एनफील्ड में बार्कलेज की एक ब्रांच में कैश मशीन डिस्पेंसर से पैसे निकाले थे, लेकिन यह वह ATM कार्ड और पिन सिस्टम नहीं था जिसे हम आज जानते हैं। यह मशीन जॉन शेफर्ड-बैरोन ने बनाई थी। उनका जन्म भारत में स्कॉटिश माता-पिता के घर हुआ था।

शेफर्ड-बैरोन का ATM, गुडफेलो की मशीनों से सिर्फ एक महीने पहले आया था, इसलिए शेफर्ड-बैरोन को "कैश मशीन बनाने वाले पहले व्यक्ति" के तौर पर जाना जाने लगा, जिन्होंने उस सिस्टम का पेटेंट कराया था जिसका इस्तेमाल हम आज करते हैं।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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