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भारत की वह नदी जिसे कहा जाता है 'Milk River', क्यों कहलाती है गुप्तगामिनी

भारत में नदियों से लोगों की आस्था जुड़ी है। इन्हें कई उपनामों से पुकारा जाता है। किसी को मां कहा जाता है तो कोई किसी राज्य का शोक कहलाती है। वहीं एक नदी ऐसी है, जो दूध कि नदी और गुप्तगामिनी कहलाती है। आइए उस खास नदी के बारे में जानें...

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भारत की किस नदी को कहा जाता है दूध की नदी

भारत में सैकड़ों नदियां बहती हैं। जिनका महत्व केवल जलापूर्ति तक सीमित नहीं है। बल्कि भारत में नदियों का धार्मिक महत्व अधिक है। यहां नदियों को आस्था के साथ जोड़कर देखा जाता है। नदियों की पूजा की जाती है और सुबह-शाम इनकी आरती उतारी जाती है। जिसमें हजारों-लाखों लोग शामिल होने के लिए पहुंचते हैं। यहां कई नदियों को अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है। आइए आज आपको एक खास नदी के बारे में बताएं, जिसे भारत में दूध की नदी के रूप में जाना जाता है और क्यों इसे यह नाम मिला है।

अलग-अलग है भारत में नदियों की पहचान

भारत में हर नदी की अपनी एक अलग पहचान है, कोई अपनी चौड़ाई के लिए जानी जाती है तो वहीं कोई अपनी लंबाई के लिए। किसी को मां का दर्जा मिला है तो वहीं कुछ नदियों को ओडिशा का शोक और बिहार के शोक के नाम से जाना जाता है।

दूध की नदी किसे कहा जाता है?

भारत में एक खास नदी है, जिसे दूध की नदी कहा जाता है। दूध की नदी के रूप में दिक्षण भारत में बहने वाली 'पलार नदी' को दूध की नदी के नाम से जाना जाता है। इस नदी को गुप्तगामिनी भी कहते हैं।

क्यों कहलाती है दूध की नदी?

जैसा की हमने आपको बताया कि पलार नदी को ही दूध की नदी कहा जाता है। यह नाम सुनते ही सबसे पहला सवाल यह उठता है कि क्या इस नदी में दूध बहता है। तो बता दें कि, नहीं इस नदी में दूध नहीं बहता है। इसे दूध की नदी इसलिए कहा जाता है क्योंकि शुष्क मौसम में नदी का पानी सतह पर दिखाई नहीं देता है। इसकी धारा सतह पर जमी चमकीली रेत से ढकी होने के कारण सफेद नजर आती है और दूर से दुधिया दिखाई देती है।

क्यों मिला गुप्तगामिनी नाम?

इस नदी को गुप्तगामिनी नाम इसलिए मिला है क्योंकि यह साल के अधिकांश समय में सतह पर सूखी दिखाई देती है। लेकिन इसका प्रवाह पूरी तरह से कभी समाप्त नहीं होता है। मानसून के दौरान पानी की धारा बढ़ जाती और यह सतह पर बहती नजर आती है। दूर से देखने पर यह दुधिया दिखाई देती है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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