IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन भारत ने श्रीलंका को बैकफुट पर रखा। इस दौरान भारतीय तेज़ गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने कहा कि उनका आक्रामक रवैया मैदान पर उनके व्यवहार से नहीं, बल्कि उनकी गेंदबाज़ी की तीव्रता और अनुशासन से झलकता है। उनका मानना है कि पिच और हालात के हिसाब से उनकी गेंदबाज़ी की लेंथ बदलती रहती है, और टीम के एनालिस्ट और कोच उन्हें सही जगह गेंदबाज़ी करने में मदद करते हैं। वैसे, कृष्णा दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन लंच तक श्रीलंका के सर्वाधिक 3 विकेट चटका चुके थे।
भारत के 503/9 पर पारी घोषित करने के बाद, श्रीलंका ने दूसरे दिन का खेल 8/2 के स्कोर पर खत्म किया, जिसमें डेब्यू करने वाले कामिल मिशारा पांच रन पर नाबाद थे। कृष्णा ने भारत के लिए पहला विकेट लिया और लाहिरू उदारा को सिर्फ एक रन पर आउट किया। इसके बाद, तीसरे दिन उन्होंने लंच से ठीक पहले एक और विकेट झटका।
क्रिकबज़ के अनुसार, तीसरे दिन के खेल से पहले ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए कृष्णा ने कहा, "हां, मैं ऐसा ही कहूंगा। मेरा मतलब है, आक्रामकता अलग-अलग तरीकों से दिख सकती है, और मेरे लिए यह इस बात पर निर्भर करता है कि मैं गेंदबाज़ी करते समय क्या कर रहा हूं। लोगों के लिए पिच पर हो रही चीज़ों से ध्यान भटकना या विचलित होना बहुत आसान है। कभी बहुत कुछ हो रहा होता है, तो कभी कुछ नहीं, लेकिन मुझे लगता है कि मुख्य बात यह है कि आकर पूरी ताकत के साथ उन जगहों पर गेंदबाज़ी की जाए।"
उन्होंने आगे कहा, "लेंथ ऐसी चीज़ है जो हम जिन पिचों पर खेलते हैं, उनके हिसाब से बदलती रहती है। इसलिए हम एनालिस्ट, कोच और बाकी लोगों के साथ बैठकर तय करते हैं कि अलग-अलग सतहों पर हमें किस तरह की लेंथ पर गेंदबाज़ी करनी है। और हां, जब मैं देश के लिए नहीं खेल रहा था, तब मैं 'नेचुरल लेंथ' की बात कर सकता था, लेकिन जब मैं यहां हूं, तो मुझे टीम की ज़रूरत के हिसाब से हर तरह की लेंथ पर गेंदबाज़ी करनी होती है, और मैं ऐसा करने की कोशिश कर रहा हूं।"
कृष्णा ने पहले टेस्ट में तीन विकेट लिए - एक पहली पारी में और 2 दूसरी पारी में - जिसे भारत ने 165 रनों से जीता। मोहम्मद सिराज के साथ मिलकर उन्होंने नई गेंद से श्रीलंकाई बल्लेबाजों को बांधे रखा, लगातार मुश्किल लेंथ पर गेंदबाजी की और दबाव बनाए रखा।
यशस्वी के शानदार कैच की तारीफ
कृष्णा ने लाहिरू उदारा के विकेट के लिए कोलंबो की पिच से मिली थोड़ी सी सीम मूवमेंट को श्रेय दिया और यशस्वी जायसवाल के शानदार कैच की तारीफ की। उन्होंने स्लिप कॉर्डन के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि अच्छी गेंदबाजी से बने मौकों को भुनाना उतना ही जरूरी है जितना कि बल्लेबाज के बल्ले का किनारा (एज) निकलवाना।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि पिच में कुछ तो बात थी ही। शायद गेंद थोड़ी रुककर आ रही थी। थोड़ी सीम मूवमेंट भी थी, और मुझे लगता है कि जायसवाल को उस कैच का श्रेय मिलना चाहिए जो उन्होंने पकड़ा। वह वाकई शानदार कैच था। हम मैदान पर प्रैक्टिस में काफी मेहनत कर रहे हैं, और मुझे लगता है कि उसका नतीजा मिला है। 100%। मुझे लगता है कि 50% काम तो सही जगह गेंद डालना और एज निकलवाना है, लेकिन बाकी 50% काम उस कैच को पकड़ना है, और हम इसमें काफी अच्छे रहे हैं। मुझे लगता है कि छोटी-छोटी चीजों को सही ढंग से करना भी जरूरी है, जो हम अच्छे से कर रहे हैं, और वही चीज नजर भी आती है।"
(भाषा इनपुट के साथ)
