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Gandhi Jayanti Essay, Nibandh: 2 अक्टूबर को मनाई जाएगी 156वीं वर्षगांठ, लिखें महात्मा गांधी की जयंती पर 300 शब्दों का निबंध

Gandhi Jayanti Essay, Nibandh in Hindi Mahatma Gandhi Essay: इस वर्ष विश्वभर में गांधी जी की 156वीं जयंती सेलिब्रेट की जा रही है। यदि आपने भी गांधी जयंती के अवसर पर निबंध प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है तो यहां हम आपके लिए गांधी जयंती पर सबसे सरल व दमदार निबंध और कोट्स लेकर (Gandhi Jayanti 2025) आए हैं।

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Gandhi Jayanti Essay, Nibandh in Hindi

Gandhi Jayanti Essay, Nibandh in Hindi 2025: 2 अक्टूबर को देशभर में गांधी जयंती मनाई जाती है। महात्मा गांधी ने ना केवल भारत को अंग्रेजों की बेड़ियों से मुक्त करवाया बल्कि कई सामाजिक कुरीतियों का अंत भी किया। सत्य व अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी का नाम इतिहास के पन्नों में सदा के लिए अमर है। वह भारत के महानतम स्वतंत्रता सेनानियों, नेता, दार्शनिक और समाज सुधारक में से एक थे। उन्होंने सामाजिक समानता और जातिवाद के खिलाफ आवाज उठाई और गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अधिकारों व हितों की रक्षा के लिए काम किया। पूरा विश्व गांधी जी को राष्ट्रपिता कहकर संबोधित करता है। इस वर्ष विश्वभर में गांधी जी की 156वीं जयंती सेलिब्रेट की जा रही है।

Gandhi Jayanti Speech In Hindi: गांधी जयंती निबंध

महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनके पिता का नाम करमचंद गांधी और माता का नाम पुतलीबाई था। गांधी जयंती को भारतवर्ष में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों में तमाम तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में यहां हम आपके लिए गांधी जयंती पर शानदार स्पीच, भाषण, निबंध और कोट्स लेकर आए हैं। इस तर आप अपना भाषण शुरू कर लोगों के दिलों में अपनी जगह बना सकते हैं।

Gandhi Jayanti Quotes, Poster, Slogan In Hindi

- आजादी का कोई अर्थ नहीं है यदि इसमें गलतियां करने की आजादी शामिल न हों -महात्मा गांधी

- डर शरीर का रोग नहीं है, यह आत्मा को मारता है -महात्मा गांधी

- ऐसे जिएं कि जैसे आपको कल मरना है और सीखें ऐसे जैसे आपको हमेशा जीवित रहना है -महात्मा गांधी

- गुलाब को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं होती। वह तो केवल अपनी ख़ुशबू बिखेरता है। उसकी ख़ुशबू ही उसका संदेश है -महात्मा गांधी

गांधी जयंती ड्राइंग (Gandhi Jayanti Drawing)

गांधी जयंती ड्राइंग (Gandhi Jayanti Drawing)

Mahatma Gandhi Quotes In Hindi

  • आजादी का कोई अर्थ नहीं है यदि इसमें गलतियां करने की आजादी शामिल न हों -महात्मा गांधी
  • उफनते तूफ़ान को मात देना है तो अधिक जोखिम उठाते हुए हमें पूरी शक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा -महात्मा गांधी

Gandhi Jayanti Essay 2025: गांधी जयंती पर कुछ इस तरह करें निबंध की शुरुआत

यदि आप भी गांधी जयंती पर निबंध लिखने जा रहे हैं तो शुरुआत महात्मा गांधी के कोट्स से करें। साथ ही ध्यान रहे निबंध में गांधी जी के जीवन से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करना ना भूलें। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर शहर में हुआ। उनके पिता का नाम करमचंद गांधी और माता का नाम पुतलीबाई था। गांधी जी का जन्म बेसक गुजरात के पोरबंदर में हुआ, लेकिन उनके जन्म के कुछ साल बाद ही उनका परिवार राजकोट में रहने लगा था। उनके पिता पोरबंदर रियासत के राजा के दीवान थे। महात्मा गांधी जी की माता हमेशा उन्हें धार्मिक सहिष्णुता, साधारण रहन सहन और अहिंसा की सीख देती थी। गांधी जी को महात्मा गांधी, राष्ट्रपिता और बापू कहकर भी संबोधित किया जाता है। गांधी जी जबतक जीवित रहे तबतक अंहिसा का महत्व बताते रहे और इसीलिए 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अंहिसा दिवस (International Non-Violence Day) के रूप में भी मनाया जाता है। कई ऐतिहासिक आंदोलन किए, जैसे दांडी यात्रा, सत्याग्रह और असहयोग आंदोलन। इन आंदोलनों की आग पूरे देश में फैली। साथ ही ब्रिटिश हुकुमत भी इन आंदोलनों के जरिए भारतीयों की बुलंद आवाज के सामने कमजोर महसूस करने लगी। महात्मा गांधी ने पूरे देश को एकजुट किया। यही कारण है कि उन्हें, महात्मा, बापू या राष्ट्रपिता के नाम से संबोधित किया जाता है।

Mahatma Gandhi ke Naare: अंग्रेजों भारत छोड़ो नारा

'अंग्रेजों भारत छोड़ो' ये नारा महात्मा गांधी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान दिया था। इसे भारत छोड़ो आंदोलन भी कहा जाता है। इस नारे के जरिए बिना हिंसा किए अंग्रेजी हुकूमत को उनके घर वापस लौटने के लिए मजबूर करना गांधी जी का उद्देश्य था। 'पाप से घृणा करो, पापी से नहीं'। महात्मा गांधी इस कथन से ये समझाना चाहते थे कि आप गलत काम से नफरत की जा सकती है, लेकिन मनुष्य को क्षमा दी जा सकती है। उससे प्रेम किया जा सकता है। 'अहिंसा परमो धर्म'। गांधी जी ने पूरा जीवन इसी पथ पर व्यतीत किया। उन्होंने अपनी हर लड़ाई हिंसा के बिना लड़ी। लोगों को भी यही संदेश दिया कि अहिंसा ही सबसे बड़ा धर्म है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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