Gandhi Jayanti Speech, Bhashan In Hindi 2025 (गांधी जयंती पर भाषण): डर शरीर का रोग नहीं है, यह आत्मा को मारता है.....मोहनदास करमचंद गांधी भारतीय इतिहास के एक ऐसे पुरोधा थे जिन्होंने अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए ना केवल भारत को अंग्रेजों की बेड़ियों से मुक्त करवाया बल्कि ब्रिटिश शासन को (Gandhi Jayanti Speech) उखाड़ फेंका। गांधी जी ने अपना पूरा जीवन देश को समर्पित कर (Gandhi Jayanti Speech In Hindi) दिया था। उनके अहिंसा के सिद्धांत की आज भी दुनियाभर में मिसाल दी जाती है। बापू हमेशा से समावेशी, समतामूलक और विविधताओं से भरे समाज के पक्षधर रहे। उनका सपना था कि समाज में रहने वाले हर शख्स को बिना किसी जाति, धर्म, रंग रूप के भेदभाव के समान दर्जा व समान अधिकार मिलना चाहिए।
Gandhi Jayanti Speech In Hindi
महात्मा गांधी की सादगी और सरलता की पूरी दुनिया कायल थी। उनके विचार आज के युग में भी काफी प्रासंगिक हैं फिर चाहे वो आत्मनिर्भर भारत की कल्पना हो या फिर देश को स्वच्छ बनाने का संकल्प। बापू हमेशा कहते थे कि सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलकर अन्याय व बुराइयों को खत्म किया जा सकता है। हर साल 2 अक्टूबर को महात्मा गांध जी की जयंती मनाई जाती है। इस दिन के महत्व व इतिहास को बयां करने के लिए भाषण व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। ऐसे में यहां हम आपके लिए गांधी जयंती पर शानदार भाषण लेकर आए हैं। इस तरह आप अपने स्पीच की शुरुआत कर लोगों का दिल जीत सकते हैं।
Gandhi Jayanti Speech In Hindi: गांधी जयंती पर भाषण
आदरणीय प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य, शिक्षकगण व मेरे प्रिय साथियों आप सभी को गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। इस खास मौके पर आपने मुझे अपने विचार व्यक्त करने का मौका दिया इसके लिए आप सभी का दिल से शुक्रिया। अब आप अपने भाषण की शुरुआत महात्मा गांधी के जीवन परिचय से कर सकते हैं। गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनके पिता करमचंद गांधी राजकोट रियासत में दीवान थे और माता पुतलीबाई धार्मिक एवं सरल स्वभाव की महिला थीं। गांधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। बचपन से ही वे सत्य और धार्मिकता की ओर झुकाव रखते थे। शिक्षा पूरी करने के बाद वे इंग्लैंड गए और यहां से वकालत की पढ़ाई की। बाद में वे दक्षिण अफ्रीका गए, जहां उन्होंने भारतीयों के साथ हो रहे भेदभाव और अन्याय का सामना किया। यहीं से उनके जीवन ने नई दिशा पाई और वे संघर्ष के मार्ग पर आगे बढ़े।
Gandhi Jayanti Speech: बचपन काफी संघर्षमयी रहा
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि गांधी जी 9 साल की उम्र में पहली बार स्कूल गए थे। वह बचपन से ही बेहद शर्मीले स्वभाव के थे और किताबों को अपना सबसे प्रिय मित्र मानते थे। गांधी जी का बचपन काफी संघर्षमयी रहा। महज 13 साल की उम्र में महात्मा गांधी की शादी एक साल बड़ी कस्तूरबा गांधी से हुई। शादी के महज 2 साल बाद उनके पिता का निधन हो गया। पिता के निधन के बाद वह पूरी तरह टूट गए थे। वहीं एक वर्ष बाद उनके पहली संतान की मृत्यु हो गई।
यदि आप अपने भाषण को और भी दिलचस्प बनाना चाहते हैं तो अपनी स्पीच के दौरान महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े किस्सों का वर्णन करें। इससे आपका भाषण और भी शानदार बनेगा।
