Mahatma Gandhi Quotes in Hindi: एक वकील, राजनीतिज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक के रूप में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी इतिहास के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक रहे हैं। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी देश के लिए अर्पित कर दी। स्वतंत्रता संग्राम के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया। महात्मा गांधी के कर्म ही नहीं बल्कि उनके शब्द भी हमेशा से देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत करते आए हैं। ऐसे में इस गांधी जयंती पर छात्रों के मार्गदर्शन, शांति, एकता और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के लिए हम उनके कुछ उद्धरण (Mahatma Gandhi Quotes) आपको बताने जा रहे हैं।
त्याग, ज्ञान, सत्य और अहिंसा के प्रति महात्मा गांधी की अटूट प्रतिबद्धता वाकई देशवासियों के लिए मिसाल है। उनके द्वारा कहे गए शब्द हर शख्स को धर्म और सद्भाव के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।

'मनुष्य को सोने से पहले अपना क्रोध भूल जाना चाहिए- महात्मा गांधी'
महात्मा गांधी के प्रेरणादायी उद्धरण (Mahatma Gandhi Motivational Quotes)
- पहले वे आपको अनदेखा करते हैं, फिर आपपर हंसते हैं, फिर आपसे लड़ते हैं और फिर आप जीत जाते हैं।
- कमजोर शख्स कभी क्षमा नहीं कर सकता, क्षमा करना शक्तिशाली के गुण हैं।
- आपको वह बदलाव खुद बनना होगा, जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।
- गलती करना मानव स्वभाव है लेकिन उसपर टिके रहना पाप है।
- डरपोक प्रेम नहीं कर सकता, प्रेम करने वाला साहसी होता है।
- मनुष्य को सोने से पहले अपना क्रोध भूल जाना चाहिए।
सादा जीवन उच्च विचार- गांधी का संदेश (Mahatma Gandhi Hindi Quotes)
महात्मा गांधी का एक और संदेश था- सादा जीवन उच्च विचार। गांधी का जीवन बेहद सादा था। खादी पहनना, साधारण भोजन करना और किसी पर निर्भर ना रहना। ये सभी बातें उनके व्यक्तित्व का हिस्सा थीं। उनका मानना था कि इंसान की महानता उनके विचारों और कर्मों में है न कि भौतिक सुख सुविधाओं में।

महात्मा गांधी की जीवनी (Twitter)
स्वराज जन्म सिद्ध अधिकार (Gandhi Jayanti Quotes in hindi)
इसके अलावा महात्मा गांधी ने बाल गंगाधर तिलक के स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है नारे को मजबूती से बुलंद करने का काम किया था। गांधी चाहते थे कि भारत केवल अंग्रेजों से आजाद नहीं हो बल्कि आत्मनिर्भर भी बने। चरखा और खादी गांधी की इसी आत्मनिर्भरता के कथन का प्रतीक थे।
गांधी को था गांवों से खास लगाव (Mahatma Gandhi quotes on village)
गांधी हमेशा से कहा करते थे कि भारत का दिल उसके गांवों में बसता है। गांधी को ग्रामीण समाज से भी खास लगाव था और वे चाहते थे कि हर गांव आत्मनिर्भर बने और वहां की जनता अपनी जरूरतें खुद ही पूरी कर सके। यही वजह है कि उन्होंने ग्रामीण स्वराज की अवधारणा दी, जिसमें गांव विकास और लोकतंत्र का केंद्र बने।
