केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने इंटरमीडिएट (कक्षा 12वीं) के परीक्षा परिणामों की घोषणा कर दी है। दोपहर में करीब 1.30 बजे रिजल्ट जारी होते ही भारी संख्या में छात्र वेबसाइट पर रिजल्ट चेक करने में जुट गए। कहीं छात्रों ने राहत की सांस ली तो वहीं कई चेहरे मार्क्स देखकर निराश नजर आए। लेकिन इस बीच उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक घर में जश्न का माहौल देखने को मिला। रिजल्ट के घोषणा इस परिवार के लिए गर्व और उत्साह का पल जो लेकर आई। कंप्यूटर स्क्रीन पर नतीजे आते ही मैनपुरी की होनहार बेटी अनामिका चौहान (Anamika Chauhan) के परिवार में खुशियां बिखर गई। गर्व से माता-पिता की आंखे नम नजर आई। अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से अनामिका चौहान ने सीबीएसई कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा पास की और सीबीएसई टॉपर बनकर न केवल परिवार का नाम रौशन किया, बल्कि पूरे जिले में पहला स्थान प्राप्त इतिहास रच दिया है।
प्रतिभा और परिश्रम का संगम बना सफलता की चाबी
मैनपुरी की अनामिका चौहान ने सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 99.0 % मार्क्स प्राप्त कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है। अनामिका यह उपलब्धि निरंतर पढ़ाई और विषयों पर गहरी पकड़ प्राप्त कर पाई है। जिला टॉपर बनने के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों लोगों का तांता लगा हुआ है। अनामिका का मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अध्ययन और शिक्षकों का मार्गदर्शन ही आपको इस मुकाम तक पहुंचता है।
क्या बनना चाहती है टॉपर अनामिका चौहान?
अनामिका चौहान न्यायिक सेवा में जाना चाहती हैं। यह इच्छा उन्हें उनके पिता को देखकर आई है। बता दें कि अनामिका के पिता राघवेंद्र चौहान Advocate हैं। अनामिका ने आगे बताया कि वह अब बीए एलएलबी करेंगी।
क्या है अनामिका की सफलता का राज?
अनामिका ने बताया कि उन्होंने बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए मोबाइल फोन से दूरी बनाई। क्योंकि उनका कोई सोशल मीडिया अकाउंट नहीं है, इसलिए उन्हें डिस्ट्रैक्शन नहीं हुआ और न ही मोबाइल की इतनी आवश्यकता महसूस हुई। निरंतर पढ़ाई कर उन्होंने हर विषय पर अपनी पकड़ मजबूत की और 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला टॉपर बनी।
