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VIDEO: 'मैं सलाम करता हूं उन लोगों का...' उज्जैन शाही मस्जिद टूटेगी या बचेगी? जानें कोर्ट के फैसले से पहले ओवैसी ने क्या कहा

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद का मामला फिर गरमा गया है। मस्जिद के कुछ हिस्से को हटाने की कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम समाज के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। पहले एकलपीठ याचिका खारिज कर चुकी है और अब मामले पर युगलपीठ में सुनवाई होनी है। इस बीच पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में 600 से ज्यादा जवानों के साथ फ्लैग मार्च किया। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया है।

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ज्जैन शाही मस्जिद विवाद में ओवैसी की एंट्री, बोले- 'इस तरह मस्जिदों को शहीद नहीं कर सकते'

Photo : PTI

मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारी के तहत शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान में गोपाल मंदिर स्थित ऐतिहासिक शाही मस्जिद का मामला गरमा गया है। प्रशासन द्वारा इस मस्जिद को चौड़ीकरण की जद में बताकर नोटिस दिए जाने के बाद मुस्लिम समाज ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। अब इस पूरे मामले पर सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट की युगलपीठ में सुनवाई होगी, जिसके बाद तय होगा कि शाही मस्जिद टूटेगी या बचेगी।

बताया जा रहा है कि मुस्लिम समाज ने चौड़ीकरण के खिलाफ पहले इंदौर हाईकोर्ट की एकलपीठ में याचिका लगाई थी, जिसे करीब 17 दिन पहले कोर्ट ने खारिज कर दिया था। अब इस फैसले को चुनौती देते हुए समाज ने हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील की है। सोमवार को होने वाली सुनवाई पर पूरे शहर की नजर टिकी हुई है। वहींस मस्जिद के बाहर मुस्लिम समाज से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में एकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। वहीं, मस्जिद के तोड़फोड़ के मुद्दे पर एआईएमआईएम अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

ओवैसी ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि मैं सलाम करता हूं उन लोगों को जो गांधीवादी तरीके से मस्जिद की सुरक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। न्होंने कहा कि आप इस तरीके से मस्जिदों को शहीद नहीं कर सकते। मैंने संसद में कहा था कि नए वक्फ अमेंडमेंट एक्ट के जरिए कलेक्टरों और सरकार को जो अधिकार दिए गए हैं, उनका मकसद मस्जिदों, दरगाहों, खानकाहों, कब्रिस्तानों और ईदगाहों को मुसलमानों से छीनना है। यह साबित भी हो रहा है। इस अमेंडमेंट एक्ट का मकसद साफ नजर आ रहा है।”

अफवाह के बाद इकट्ठे हुए लोग

याद रहे कि शनिवार रात अचानक यह अफवाह फैल गई कि प्रशासन गोपाल मंदिर वाली शाही मस्जिद को तोड़ने जा रहा है। अफवाह फैलते ही बड़ी संख्या में विशेष समुदाय के लोग शाही मस्जिद के बाहर जमा हो गए और विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आज रविवार को भी दिनभर मस्जिद के आसपास भीड़ जुटी रही।

इमाम बोले - धार्मिक स्थल को बख्शा जाए

शाही मस्जिद के इमाम मोहम्मद इब्राहिम ने कहा कि यह मस्जिद 1390 में बनी है और उज्जैन की सबसे प्राचीन धरोहरों में से एक है। पहले भी शहर में जब चौड़ीकरण हुआ है तो धार्मिक स्थलों को छोड़ दिया गया था। हमारा प्रशासन से निवेदन है कि शाही मस्जिद को छोड़ दिया जाए, हम हर तरह से सहयोग करने को तैयार हैं। इस मस्जिद का स्ट्रक्चर इतना नाजुक है कि थोड़ी सी भी छेड़छाड़ से पूरी इमारत भरभरा कर गिर सकती है।

शहर में 600 जवानों का फ्लैग मार्च

तनाव की आशंका को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने रविवार को शहर में बड़ा फ्लैग मार्च निकाला। महाकाल, कोतवाली, खाराकुआ और जीवाजीगंज के संवेदनशील इलाकों में जिला पुलिस, RAF और STF के 600 से ज्यादा जवानों ने पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस ने साफ कहा है कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धार्मिक स्थलों और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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