Bihar Education News in Hindi: बिहार सरकार ने राज्य भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों में प्लस टू यानी 12वीं यानी इंटरमीडिएट कक्षाओं को निलंबित करने की घोषणा कर दी है। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार देर शाम जारी एक अधिसूचना जारी हुई थी, जिसके अनुसार, शिक्षा विभाग ने कहा कि, पटना विश्वविद्यालय में इन कक्षाओं को लगभग एक दशक पहले बंद कर दिया गया था, अब शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ अन्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों में यह प्रथा बंद कर दी जाएगी।
क्या है सूचना
अधिसूचना के अनुसार, तीनों संकायों (कला/ मानविकी, विज्ञान और वाणिज्य) में इंटरमीडिएट की शिक्षा अब केवल नए सत्र से शुरू होने वाले उच्च माध्यमिक विद्यालयों में ही पढ़ाई जाएगी।
विभाग ने यह भी कहा कि यूनिवर्सिटी एक्ट में इंटरमीडिएट (प्लस टू) को कॉलेजों से अलग करने का प्रस्ताव शामिल है। हालांकि, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में मैनपावर या प्लानिंग की कमी की वजह से अब तक प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट) में बाधा आ रही है।
कॉलेजों से इंटरमीडिएट शिक्षा होगी समाप्त
इस मामले पर जानकारी पहले ही राज्य राजपत्र में जारी की जा चुकी है। 2007 में, नीतीश कुमार सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (1986/92) के अनुसार धीरे-धीरे कॉलेजों से इंटरमीडिएट शिक्षा को समाप्त करने का नीतिगत निर्णय लिया था, परिणामस्वरूप, प्लस टू शिक्षा के लिए 10+2 प्रारूप लागू किया गया।
अधिसूचना के अनुसार, विभाग ने पहले से ही प्लानिंग कर रखी है और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए 67,961 शिक्षकों को नियुक्त किया है, साथ ही एक विशेष पहल के माध्यम से माध्यमिक विद्यालयों के लिए अतिरिक्त 65,737 शिक्षकों को नियुक्त किया है।
