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कितने पढ़े लिखे हैं अभिनंदन वर्धमान, 2019 में मार गिराया था पाकिस्तानी विमान

भारतीय वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र विजेता अभिनंदन वर्धमान के बारे में लगभग सभी ने सुना होगा। फरवरी 2019 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हवाई संघर्ष के बाद वह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में चर्चा में आ गए थे, अब वे एक बार फिर से चर्चा में हैं।

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कितने पढ़े लिखे हैं अभिनंदन वर्धमान (Image - ChatGPT)

भारतीय वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र विजेता अभिनंदन वर्धमान के बारे में लगभग सभी ने सुना होगा। फरवरी 2019 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हवाई संघर्ष के बाद वह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में चर्चा में आ गए थे। उस समय वह भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर और फाइटर पायलट थे। उन्होंने MiG-21 Bison से पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को कड़ी टक्कर दी थी। इसी दौरान उन्होंने एक पाकिस्तानी F-16 को मार गिराया, हालांकि इस संघर्ष के दौरान उनका विमान भी पाकिस्तानी मिसाइल की चपेट में आ गया। उन्हें विमान से बाहर निकलना पड़ा और वह पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में उतरे, जहां उन्हें करीब 60 घंटे तक हिरासत में रखा गया और 1 मार्च 2019 को भारत वापस लाया गया। उनके साहस के लिए भारत सरकार ने उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया।

अभिनंदन वर्धमान के बारे में

अभिनंदन वर्धमान का जन्म 21 जून 1983 को चेन्नई में हुआ था। उनका बचपन और पढ़ाई अलग-अलग वायुसेना स्टेशनों से जुड़े माहौल में बीता। उनके पिता सिम्हाकुट्टी वर्धमान भारतीय वायुसेना में एयर मार्शल के पद से रिटायर हुए। उनकी मां डॉक्टर हैं।

अभिनंदन वर्धमान ने कहां से पढ़ाई की?

अभिनंदन की स्कूलिंग को लेकर अलग-अलग जगहों पर अलग जानकारी मिलती है। माना जाता है उन्होंने तमिलनाडु के अमरावथिनगर स्थित सैनिक स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने खड़कवासला स्थित NDA में प्रशिक्षण लिया। NDA भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के भावी अधिकारियों को तैयार करने वाली प्रमुख सैन्य अकादमी है। यहां प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम को चुना।

भारतीय वायुसेना का करियर

NDA से निकलने के बाद अभिनंदन को 19 जून 2004 को भारतीय वायुसेना की कॉम्बैट यानी फाइटर स्ट्रीम में फ्लाइंग ऑफिसर के तौर पर कमीशन मिला। इसके बाद उन्होंने वायुसेना के अलग-अलग केंद्रों पर तकनीकी और उड़ान से जुड़ी ट्रेनिंग हासिल की। वह पहले Su-30MKI फाइटर पायलट रहे और बाद में उन्हें MiG-21 Bison स्क्वाड्रन में तैनात किया गया। वायुसेना में उनका प्रमोशन भी लगातार होता रहा। 2006 में वह फ्लाइट लेफ्टिनेंट, 2010 में स्क्वाड्रन लीडर और 2017 में विंग कमांडर बने। 2021 में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर प्रमोट किया गया।

IAF से रिटायर होकर अब कमर्शियल पायलट

करीब 22 साल तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद अभिनंदन ने 31 मार्च 2026 को समय से पहले रिटायरमेंट लिया। इसके बाद वह गोवा की क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 से कमर्शियल पायलट के तौर पर जुड़ गए हैं।

अभिनंदन वर्धमान के करियर से क्या सीख मिलती है?

अभिनंदन की कहानी को केवल 2019 की घटना तक देखना देखना सही नहीं होगा। उस एक दिन की चर्चा के पीछे कई वर्षों की पढ़ाई, सैन्य प्रशिक्षण, उड़ान अभ्यास और अनुशासन था। उनका सफर यह बताता है कि किसी बड़ी उपलब्धि के पीछे लंबे समय की तैयारी होती है। सैनिक स्कूल से लेकर NDA और फिर भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम तक की उनकी यात्रा युवाओं के लिए अनुशासन, मेहनत और अपने लक्ष्य पर लगातार काम करने की मिसाल है।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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