देश की सबसे प्रतिष्ठित आतंकवाद-रोधी फोर्स में शामिल National Security Guard (NSG) को आमतौर पर ‘ब्लैक कैट कमांडो’ के नाम से जाना जाता है। ज्यादातर लोगों ने NSG में पुरुषों को काम करते हुए देखा है इसलिए उनके मन में सवाल रहता है कि क्या महिलाएं NSG कमांडो बन सकती हैं? जवाब एकदम सीधा है - हां, महिलाएं भी NSG बन सकती हैं। वे केवल कमांडो के तौर पर ही नहीं बल्कि VIP सुरक्षा के साथ-साथ दूसरी ऑपरेशनल ड्यूटी में भी तैनात रह सकती हैं। लेकिन आम उम्मीदवार सीधे NSG कमांडो के पद के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। NSG में कमांडो बनने का रास्ता आमतौर पर पहले सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों या संबंधित पुलिस संगठन में भर्ती होने और उसके बाद NSG में प्रतिनियुक्ति (Deputation) के जरिए जाता है।
NSG में महिलाओं के लिए क्या है रास्ता?
NSG गृह मंत्रालय के अधीन देश की विशेष आतंकवाद-रोधी फोर्स है। इसका गठन खास तौर पर गंभीर आतंकवादी घटनाओं से निपटने के लिए किया गया है। NSG की संरचना में दो ऑपरेशनल कंपोनेंट हैं Special Action Group (SAG), जिसमें Army personnel होते हैं और Special Ranger Groups (SRG), जिसमें Central Armed Police Forces औ State Police Forces से personnel लिए जाते हैं। इसलिए महिला उम्मीदवार के लिए पहला कदम NSG नहीं, बल्कि किसी संबंधित मूल फोर्स में करियर बनाना है।
उम्मीदवार इन रास्तों पर आगे बढ़ सकती हैं:
- Indian Army में अधिकारी या अन्य सैन्य भूमिका
- CAPF जैसे CRPF, BSF, ITBP, SSB आदि में भर्ती
- पात्र पुलिस सेवा/बल में नियुक्ति
इसके बाद संबंधित पात्रता और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर NSG में प्रतिनियुक्ति का अवसर मिल सकता है। NSG की आधिकारिक वेबसाइट पर Deputation के लिए Army और CPOs के अलग-अलग Qualitative Requirements (QRs) दिए गए हैं। जहां से आप इसकी जानकारी पा सकेंगे।
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क्या 12वीं के बाद सीधे NSG कमांडो बन सकते हैं?
नहीं, सामान्य करियर पाथ में 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद सीधे NSG कमांडो बनने की भर्ती नहीं होती। 12वीं के बाद महिला उम्मीदवार पहले सेना या किसी CAPF/पुलिस बल में उपलब्ध भर्ती के जरिए प्रवेश ले सकती हैं। उदाहरण के लिए, सेना में अधिकारी बनने के लिए NDA जैसी प्रवेश प्रक्रिया एक विकल्प हो सकती है। वहीं CAPF में अलग-अलग पदों के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित होती हैं। इसके बाद सेवा में आपका रिकॉर्ड कैसा है, संबंधित पद और कौशल क्या है, मेडिकल फिटनेस कितनी अच्छी है, और NSG की उस समय पात्रता क्या मांगी है, इन बातों को देखते हुए प्रतिनियुक्ति का मौका मिल सकता है।
'कमांडो कंवर्जन कोर्स' के जरिये भी बन सकते हैं NSG
एनएसजी ने 24 अगस्त 2026 को कहा कि उसने राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की महिला कर्मियों के लिए पहली बार 'कमांडो कंवर्जन कोर्स' शुरू किया है। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि यह कोर्स 12 हफ्ते का होगा। इसमें हथियारों और निशानेबाजी, टैक्टिकल इंटरवेंशन, बंधक छुड़ाने और आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन के अन्य खास पहलुओं की कड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी। इस दौरान न केवल आप शारीरिक रूप से मजबूत परखे जाएंगे, बल्कि तकनीकी रूप से कुशल भी बनेंगे।
NSG के प्रशिक्षण में शारीरिक क्षमता, हथियारों का सुरक्षित इस्तेमाल, आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन, बंधक स्थिति से निपटना, टीमवर्क और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने जैसी क्षमताओं पर जोर होता है। यही कारण है कि इसमें प्रशिक्षण बेहद कठिन है। इसलिए आपको शारीरिक से ज्यादा मानसिक रूप से तैयार रहने की जरूरत है।
हालांकि, किसी उम्मीदवार के लिए ट्रेनिंग की अवधि और पाठ्यक्रम को स्थायी ‘एक ही कोर्स’ मानना सही नहीं होगा, क्योंकि प्रशिक्षण भूमिका और बैच के अनुसार अलग हो सकता है।
महिलाओं के लिए क्या अलग नियम हैं?
NSG में महिलाओं के लिए कोई ‘शॉर्टकट’ नहीं है। उम्मीदवार को उस पद और प्रतिनियुक्ति के लिए लागू सेवा, मेडिकल और अन्य पात्रता मानकों को पूरा करना अनिवार्य है। इसके अलावा NSG की अलग-अलग भूमिकाओं के लिए अलग गुण या स्किल्स की मांग हो सकती है, यही वजह है कि इसे बारे में लेटेस्ट अपडेट के लिए आपको NSG की वेबसाइट पर जाने की जरूरत है।
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NSG से जुड़ा कानून क्या कहता है?
Army से deputation पर आए personnel के संबंध में National Security Guard Act की धारा 3 में विशेष प्रावधान हैं। ऐसे personnel deputation की अवधि में Army Act के अधीन रहते हैं, जबकि ड्यूटी और अनुशासन के मामले में उन्हें NSG कमांड के तहत रखा जाता है। इससे साफ है कि NSG में कमांडो बनने की प्रक्रिया सामान्य सरकारी नौकरी की तरह सीधी भर्ती वाली प्रक्रिया नहीं है।
महिला उम्मीदवार अभी से कैसे तैयारी करें?
अगर किसी महिला का लक्ष्य आगे चलकर NSG में कमांडो बनना है, तो उसे बेसिक चीजों पर फोकस करने की जरूरत है: 12वीं/ग्रेजुएशन करने के बाद Army/ CAPF/ पुलिस में प्रवेश पाने की सोचें। इसके बाद सेवा के दौरान अच्छे से अच्छा प्रदर्शन करें। अपनी फिटनेस बनाए रखें और NSG की वेबसाइट पर Deputation के लिए पात्रता या नोटिस देखते रहें।
या फिर देश में पहली बार महिला कमांडो कंवर्जन कोर्स (MCCC) शुरू हो रहा है। यह 12 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य महिला जवानों को बेहतर प्रशिक्षण देकर आत्मविश्वासी और ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार कमांडो बनाना है।
इस कोर्स में मुख्य रूप से इन चीजों की ट्रेनिंग दी जाती है:
- शारीरिक फिटनेस और कंडीशनिंग
- हथियारों को संभालने का प्रशिक्षण
- निशानेबाजी
- आतंकवाद-रोधी कार्रवाई के कौशल
- बंधक बचाव अभियान
- काउंटर-टेररिज्म से जुड़े अन्य जरूरी प्रशिक्षण
यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य सक्षम महिला कमांडो का एक ऐसा कैडर तैयार करना है, जो आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी बदलती चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो।
NSG कमांडो बनने के बाद करियर स्कोप क्या है?
NSG में काम करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन यह देश सेवा है, और देश सेवा की भावना रखने वाला इंसान चुनौतियों से नहीं डरता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यहां पैसा, सम्मान और पहचान नहीं हैं। एक कमांडो को आतंकवाद-रोधी अभियानों में शामिल होकर गौरवावित होने का अवसर मिलता है। उसे विशेष सुरक्षा और अन्य संवेदनशील जिम्मेदारियों में काम करने का अवसर मिल सकता है।
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