टेक्नोलॉजी की दुनिया की दिग्गज कंपनी Apple को नया CEO मिल गया है। जॉन टर्नस ने 1 सितंबर 2026 से कंपनी के CEO का पद संभाल लिया है। उन्होंने करीब 15 साल तक Apple का नेतृत्व करने वाले टिम कुक की जगह ली है। टिम कुक अब कंपनी के Executive Chairman की भूमिका में हैं।
जॉन टर्नस ने University of Pennsylvania से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उन्होंने 1997 में यहां से बैचलर डिग्री पूरी की। यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के साथ वह पुरुषों की Varsity Swimming टीम का भी हिस्सा थे।
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद जॉन टर्नस ने Virtual Research Systems में मैकेनिक इंजीनियर के तौर पर काम किया। इसके बाद 2001 में उन्होंने Apple के Product Design टीम के साथ अपना सफर शुरू किया। Apple में उनका शुरुआती काम Apple Cinema Display से जुड़े हार्डवेयर पर था।
धीरे-धीरे उन्होंने कंपनी में बड़ी जिम्मेदारियां संभालनी शुरू कीं। 2013 में वह Vice President of Hardware Engineering बने। इसके बाद 2021 में उन्हें Senior Vice President of Hardware Engineering बनाया गया और वह Apple की Executive Team का हिस्सा बन गए।
जॉन टर्नस का Apple करियर केवल मैनेजमेंट तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कंपनी के कई प्रमुख हार्डवेयर प्रोडक्ट्स के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने iPad और AirPods जैसी नई प्रोडक्ट कैटेगरी के विकास की इंजीनियरिंग में योगदान दिया। इसके अलावा iPhone, Mac, Apple Watch और Apple Vision Pro जैसे प्रोडक्ट्स से जुड़ी हार्डवेयर इंजीनियरिंग टीमों की भी उन्होंने अगुआई की। Mac को Apple Silicon पर ट्रांजिशन करने में भी उनकी टीम की अहम भूमिका रही। इसके अलावा वह Apple के प्रोडक्ट्स की reliability, durability, नए materials और repairability जैसे क्षेत्रों पर भी काम करते रहे हैं।
जॉन टर्नस की कहानी उन छात्रों और युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो सोचते हैं कि सफलता जल्दी नहीं मिली तो शायद करियर सही दिशा में नहीं जा रहा। उन्होंने 1997 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की, कुछ समय दूसरी कंपनी में काम किया और फिर 2001 में Apple से जुड़े। इसके बाद करीब 25 वर्षों तक उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हुए कंपनी के शीर्ष पद तक का सफर तय किया।
उनके करियर की एक खास बात यह भी है कि उन्होंने केवल पद पाने पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि लंबे समय तक प्रोडक्ट और इंजीनियरिंग के काम से जुड़े रहे। University of Pennsylvania में 2024 के अपने कमेंसमेंट संबोधन में उन्होंने छात्रों को अपने अनुभव से सीखने और विनम्र बने रहने की बात कही थी। उन्होंने छात्रों को यह सोच रखने की सलाह दी कि वे कमरे में मौजूद किसी भी व्यक्ति जितने स्मार्ट हो सकते हैं, लेकिन यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि उन्हें दूसरों से ज्यादा जानकारी है।
जॉन टर्नस का सफर बताता है कि अच्छी शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं होती। यूनिवर्सिटी में उन्होंने इंजीनियरिंग के साथ खेल और एक ऐसा प्रोजेक्ट भी किया जिसमें लोगों की जरूरत को ध्यान में रखा गया। इसके बाद उन्होंने अपने करियर में लगातार सीखते हुए एक इंजीनियर से Apple के CEO तक का सफर तय किया। उनकी कहानी से छात्रों को यह सीख मिलती है कि किसी बड़े लक्ष्य तक पहुंचने के लिए लगातार मेहनत, अपने क्षेत्र की मजबूत समझ, नए आइडिया पर काम करने की आदत और लंबे समय तक धैर्य बनाए रखना जरूरी है। शुरुआत में छोटी जिम्मेदारी मिलना करियर की सीमा नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का पहला कदम हो सकता है।