Second World War kab se kab tak hua tha: द्वितीय विश्व युद्ध इतिहास की सबसे बड़ी और विनाशकारी घटनाओं में से एक था। यह युद्ध सिर्फ यूरोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एशिया, अफ्रीका और दुनिया के कई अन्य हिस्सों तक फैल गया था। इस युद्ध में कई देशों की सेनाएं शामिल हुईं और करोड़ों लोगों की जान गई। द्वितीय विश्व युद्ध 1 सितंबर 1939 से 2 सितंबर 1945 तक चला। यानी करीब छह साल तक दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में युद्ध चलता रहा। युद्ध की शुरुआत जर्मनी के पोलैंड पर हमला करने से हुई थी। इसके दो दिन बाद 3 सितंबर 1939 को ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी। इसके बाद कई देश धीरे-धीरे इस संघर्ष में शामिल होते चले गए।
जर्मनी और जापान का आत्मसमर्पण
युद्ध के अंत में जर्मनी ने मई 1945 में आत्मसमर्पण कर दिया। हालांकि एशिया में जापान के खिलाफ युद्ध जारी रहा। अमेरिका द्वारा हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए जाने के बाद जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया और 2 सितंबर 1945 को औपचारिक रूप से युद्ध समाप्त हो गया।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: चांद पर पहला कदम रखने वाले नील आर्मस्ट्रांग की पूरी कहानी, एक पायलट कैसे बना ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्री
द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत कैसे हुई?
द्वितीय विश्व युद्ध की तत्काल शुरुआत जर्मनी के पोलैंड पर हमले से हुई। उस समय जर्मनी की सत्ता पर एडोल्फ हिटलर और 'नाजी पार्टी' का नियंत्रण था। हिटलर जर्मनी के लिए अधिक क्षेत्र हासिल करना चाहता था और अपनी सैन्य ताकत लगातार बढ़ा रहा था।
1 सितंबर 1939 को जर्मन सेना ने पोलैंड पर हमला कर दिया। ब्रिटेन और फ्रांस ने पोलैंड की सुरक्षा का समर्थन किया था। इसलिए उन्होंने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी। देखते ही देखते यह संघर्ष यूरोप के कई देशों तक फैल गया और बाद में यह वैश्विक युद्ध बन गया।
द्वितीय विश्व युद्ध का कारण क्या था?
इस युद्ध के पीछे केवल एक कारण नहीं था। प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी पर लगाई गई कड़ी शर्तों और आर्थिक दबाव ने वहां असंतोष बढ़ाया। 'वर्साय की संधि' के कारण जर्मनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इसी माहौल में हिटलर और नाजी पार्टी को समर्थन मिला। हिटलर जर्मनी को फिर से शक्तिशाली बनाना चाहता था। उसने सेना मजबूत की और दूसरे क्षेत्रों पर कब्जा करना शुरू किया। जर्मनी ने ऑस्ट्रिया और चेकोस्लोवाकिया के कुछ हिस्सों पर भी अपना नियंत्रण बढ़ाया।
इसके अलावा यूरोप में बढ़ता राष्ट्रवाद, जर्मनी, इटली और जापान की विस्तारवादी नीतियां, आर्थिक मंदी और ब्रिटेन-फ्रांस की शुरुआती नरम नीति भी युद्ध के बड़े कारणों में शामिल थीं। जापान एशिया में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था, जबकि इटली भी नए क्षेत्रों पर कब्जा करना चाहता था।
इन सभी परिस्थितियों ने मिलकर ऐसा माहौल बनाया, जिसमें 1939 में जर्मनी के पोलैंड पर हमले के बाद एक क्षेत्रीय संघर्ष जल्द ही द्वितीय विश्व युद्ध में बदल गया।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: चंगेज खान कौन था? दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य के शासक का कैसे हुआ अंत?
