नौकरी के दौरान घर खरीदने, कार लेने, बच्चों की पढ़ाई, शादी या किसी दूसरी बड़ी जरूरत के लिए लोन (Loan) लेना आम बात है। होम लोन (Home Loan), कार लोन (Car Loan), पर्सनल लोन (Personal Loan) या दूसरे तरह के कर्ज आपकी जरूरत पूरी करने में मदद करते हैं, लेकिन जैसे-जैसे रिटायरमेंट करीब आता है, यही लोन चिंता का कारण बन सकता है। रिटायरमेंट के बाद आमदनी का नियमित स्रोत सीमित हो सकता है, जबकि EMI पहले की तरह जारी रहती है। इसीलिए कोशिश होनी चाहिए कि नौकरी के दौरान ही बड़े लोन का बोझ कम या खत्म कर लिया जाए। इसके लिए रिटायरमेंट से कई साल पहले से ही प्लानिंग शुरू करनी चाहिए। आइए समझते हैं कि नौकरी रहते लोन कैसे खत्म किया जा सकता है-
सबसे पहले सभी लोन की लिस्ट बनाएं
कर्ज खत्म करने की शुरुआत यह पता लगाने से करें कि आपके ऊपर कुल कितना लोन बकाया है। सभी लोन की एक लिस्ट बनाएं और उसमें बकाया मूलधन, ब्याज दर, EMI और बची हुई अवधि लिखें। अगर आपके पास होम लोन के साथ कार लोन या पर्सनल लोन भी है तो सभी की अलग-अलग जानकारी रखें। इससे आपको पता चलेगा कि किस कर्ज को पहले खत्म करने की जरूरत है।
ज्यादा ब्याज वाले लोन को प्राथमिकता दें
सभी लोन की ब्याज दर एक जैसी नहीं होती। आम तौर पर ज्यादा ब्याज वाला कर्ज आपकी जेब पर ज्यादा दबाव डालता है। इसलिए उपलब्ध अतिरिक्त रकम का इस्तेमाल ऐसे लोन को जल्दी खत्म करने के लिए किया जा सकता है।
हर साल थोड़ा-थोड़ा प्रीपेमेंट करें
लोन खत्म करने का एक तरीका यह भी है कि पूरी अवधि तक केवल EMI चुकाने के बजाय समय-समय पर अतिरिक्त भुगतान किया जाए। इसे Part-prepayment कहा जाता है। मान लीजिए आपकी सैलरी बढ़ती है, बोनस मिलता है या कोई अतिरिक्त रकम हाथ में आती है। पूरी रकम खर्च करने के बजाय उसका एक हिस्सा लोन के मूलधन को कम करने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
सैलरी बढ़ने पर EMI बढ़ाने पर विचार करें
करियर के शुरुआती वर्षों में आपकी सैलरी कम हो सकती है, इसलिए EMI भी आपकी क्षमता के अनुसार तय होती है। लेकिन समय के साथ आमदनी बढ़ने पर EMI को भी धीरे-धीरे बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। अगर आपकी आय बढ़ गई है और घरेलू खर्च उसी अनुपात में नहीं बढ़े हैं, तो अतिरिक्त रकम का इस्तेमाल लोन की अवधि कम करने में किया जा सकता है।
