क्राइम

रामपुर कारतूस कांड- 24 पुलिसवालों ने गद्दारी की और 76 CRPF जवान हो गए थे शहीद, अब हुई सजा

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Oct 13, 2023, 06:00 PM IST

Rampur Kartoos Kand: शासकीय अधिवक्ता प्रताप सिंह मौर्य ने बताया कि 29 अप्रैल 2010 को एसटीएफ के अमोद कुमार द्वारा एक मुकदमा पंजीकृत कराया गया था, जिसमें तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। विनोद पासवान, यशोदानंद और विनेश कुमार। यशोदानंद से 1,75,000 रुपया बरामद हुआ था।

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रामरपुर कारतूस कांड में 24 पुलिस वाले दोषी करार (फाइल फोटो)

Photo : PTI

Rampur Kartoos Kand: शुक्रवार को रामपुर कारतूस कांड के दोषियों को कोर्ट ने 10-10 साल की सजा सुनाई है, साथ ही उनपर जुर्माना भी लगाया है। रामपुर कारतूस कांड में 24 पुलिसवालों की गद्दारी के कारण 76 सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए थे। इसी हमले के बाद इस कांड का खुलासा यूपी एसटीएफ ने किया था।

2010 में हुआ था मामले का खुलासा

मामला उत्तर प्रदेश के रामपुर से संबंधित है। चर्चित रामपुर कारतूस कांड में 13 साल की सुनवाई और नौ गवाहों की गवाही के बाद आखिरकार 24 दोषियों को दस-दस साल की सजा और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दरअसल, कारतूस घोटाले का पर्दाफाश यूपी एसटीएफ ने 29 अप्रैल 2010 को किया था।

76 जवान हुए थे शहीद

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 2010 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में एक बड़ा नक्सली हमला हुआ, इस हमले में 76 सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए। मौके से जांच टीम को जब सरकारी कारतूस के खोखे मिले तो शक हुआ और जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि ये पुलिस वाले नौकरी पर रहते हुए सरकारी कारतूस, नक्सलियों और आतंकियों को सप्लाई करते थे और बदले में इन्हें मुंहमांगी रकम मिलती थी। सीआरपीएफ के दो जवानों विनोद और विनेश पासवान को भारी मात्रा में कारतूस के साथ गिरफ़्तार किया गया था।

परत दर परत खुलासा

शासकीय अधिवक्ता प्रताप सिंह मौर्य ने बताया कि 29 अप्रैल 2010 को एसटीएफ के अमोद कुमार द्वारा एक मुकदमा पंजीकृत कराया गया था, जिसमें तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। विनोद पासवान, यशोदानंद और विनेश कुमार। यशोदानंद से 1,75,000 रुपया बरामद हुआ था। पीटीसी मुरादाबाद से नाथूराम सैनी को गिरफ्तार कराया था और उससे भी बरामदगी हुई थी, जिसका मुकदमा मुरादाबाद में पंजीकृत कराया गया। डायरी के आधार पर विवेचना को आगे बढ़ाते हुए 25 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें आरोपी यशोदानंद की मृत्यु हो गई, बाकी 24 लोगों के खिलाफ यह मुकदमा यहां पर विचाराधीन था, जिसमें स्पेशल न्यायमूर्ति ईसी एक्ट विजय कुमार द्वितीय द्वारा गुरुवार को इनको दोषी करार दिया गया। शुक्रवार को सजा सुनाई गई।

कौन-कौन आरोपी

प्रताप मौर्या ने बताया कि मुख्य आरोपी की मौत हो चुकी है। इसके अलावा विनोद पासवान और विनेश कुमार सीआरपीएफ के आरक्षी हैं। नाथीराम यूपी पुलिस में आरक्षी है जो पीटीसी मुरादाबाद में तैनात था। राम किशन शुक्ला, रामकृपाल, सुशील कुमार मिश्रा, जितेंद्र कुमार सिंह, राजेश शाही, अमर सिंह, वंश लाल, अखिलेश कुमार पांडे, अमरेश कुमार, दिनेश कुमार, राजेश कुमार, मनीष राय, मुरलीधर शर्मा, विनोद कुमार सिंह, ओम प्रकाश सिंह, राज्य पाल सिंह, लोकनाथ, बनवारी लाल, आकाश, दिलीप राय और शंकर आरक्षी के पद पर तैनात थे।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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