केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन से देश की पहली एलएनजी से चलने वाली ट्रेन को रवाना किया। इस दौरान साबरमती डिवीजन की कई रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। उन्होंने कहा कि करीब 1472 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किए गए ये विकास कार्य आने वाले दिनों में इस क्षेत्र के यात्रियों और रेलवे के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होंगे। इन परियोजनाओं में लोकोमोटिव मेंटेनेंस हब, कवच प्रणाली और रेल मार्गों के दोहरीकरण से जुड़े काम शामिल हैं।
अमित शाह ने कहा कि दिल्ली से यात्रा करते समय वह कई बार साबरमती रेलवे स्टेशन पर उतर चुके हैं। लंबे समय बाद साबरमती स्टेशन में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने रेलवे के अधिकारियों और पूरी टीम को बधाई दी। अमित शाह ने कहा, "साबरमती रेलवे डिवीजन से लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक पूरी टीम को मेरी हार्दिक बधाई। इतने लंबे समय बाद साबरमती स्टेशन को इस रूप में देखना बेहद खास है।"
डब्ल्यूएजी-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस डिपो तैयार किया गया
अमित शाह ने बताया कि करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से डब्ल्यूएजी-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस डिपो तैयार किया गया है। इसके अलावा करीब 48 करोड़ रुपये की लागत से साबरमती-कलोल-साबरमती रेलखंड पर कवच प्रणाली की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद-पलनपुर रेलखंड और अहमदाबाद-सामाख्याली रेलखंड पर भी कवच प्रणाली से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने साबरमती-सरखेज रेल मार्ग के दोहरीकरण का भी जिक्र किया और कहा कि इन सभी परियोजनाओं से रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी। उनके मुताबिक, इन कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाने की दिशा में आज महत्वपूर्ण शुरुआत हुई है।
WAG-12 लोकोमोटिव से बढ़ेगी माल ढुलाई की क्षमता
अमित शाह ने WAG-12 लोकोमोटिव को रेलवे के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह इंजन 1200 हॉर्स पावर की ट्विन-सेक्शन क्षमता के साथ भारी मात्रा में माल ढोने में सक्षम है। उनके अनुसार, एक WAG-12 लोकोमोटिव करीब 600 ट्रकों के बराबर माल ढोने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि पहले भारी माल ढुलाई के लिए दो लोकोमोटिव लगाने पड़ते थे, लेकिन अब एक WAG-12 लोकोमोटिव यह काम कर सकता है। उन्होंने इसे भारतीय रेलवे के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
एलएनजी से चलने वाली ट्रेन की भी शुरुआत
अमित शाह ने एलएनजी से चलने वाली ट्रेन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस तरह की पहल पर्यावरण के लिहाज से उपयोगी साबित हो सकती है। रेलवे में वैकल्पिक ईंधन और नई तकनीक के इस्तेमाल को उन्होंने भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
अमित शाह ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद रेलवे में कई नई सुविधाएं और तकनीकें लाई गई हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के साथ-साथ सुरक्षा, माल ढुलाई और यात्री सुविधाओं से जुड़े कामों पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई परियोजनाओं और आधुनिक तकनीक के जरिए रेलवे को अधिक सुरक्षित, तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
