क्राइम

जिस बहू को कोस रही थी दुनिया, वो निकली बेगुनाह; पति को बचाने के लिए ससुर की हत्या का कबूला था जुर्म

Kanpur Crime News: विनीत मिनोचा मर्डर केस में जिस बहू शालू पर हत्या का इल्जाम था, वह असल में बेगुनाह थी। पति सुब्रत को बचाने के लिए उससे ससुर की हत्या का इल्जाम अपने सिर पर लिया था।

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पति को बचाने के लिए शालू ने ले लिया था ससुर की हत्या का इल्जाम (AI Photo- Newsroom Verified)

Kanpur Crime News: कानपुर की एक बहू तो दुनिया कोस रही थी। बहू ने खुद स्वीकार किया था कि उसने ही अपने ससुर की हत्या की है। ससुर उसपर पाबंदियां लगाता था इसलिए मार डाला। जिस दिन ससुर विनीत मिनोचा (Vineet Minocha) की हत्या हुई, उस दिन बहू शालू पार्टी कर रही थी। इस जानकारी के आने के बाद शालू के चरित्र पर सवाल उठाए गए, सोशल मीडिया पर जमकर शालू को लानतें भेजी गईं। हाल ये हुआ कि शालू सलाखों के पीछे चली गई। पुलिस के तीखे सवाल पर सवाल शालू झेलती रही। कुछ दिन बाद जब सच्चाई सामने आई तब दुनिया को पता चला कि शालू असल में बेगुनाह थी, उसने न तो हत्या की थी और न ही हत्या की साजिश में शामिल थी।

पतिव्रता थी शालू, हत्यारन नहीं

दरअसल जब कानपुर दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (Vineet Minocha) के हत्याकांड में शामिल तीन किरदारों शालू, विशाल और राजकिशोर से अलग-अलग पूछताछ की तो मामला कुछ संदिग्ध दिखा। जिस शालू को विशाल, मुख्य साजिशकर्ता बता रहा था, वो निर्दोष दिखने लगी। पुलिस को पूछताछ में अंदाजा हो गया कि शालू को हत्या के बारे में कुछ पता ही नहीं था, वह किसी को बचाने के लिए हत्या का इल्जाम खुद पर ले रही थी। शालू का भाई, पहले ही इशारा कर चुका था कि पता नहीं शालू क्यों हत्या का इल्जाम अपने ऊपर ले रही थी, उसे सच्चाई का अंदाजा हो गया था। पुलिस जब एक कड़ी से दूसरी कड़ी को जोड़ने लगी तो समझ में आया कि शालू असल में तो पतिव्रता है, ससुर की हत्यारन नहीं। शालू अपने पति सु्ब्रत मिनोचा को बचा रही थी, जो असल में इस हत्या के पीछे था।

बेटे का था प्लान, बहू गई फंस

सुब्रत मिनोचा ने जो पुलिस को बयान दिया है, उसके अनुसार प्लानिंग बहुत खतरनाक की थी उसने। उसने पिता को मरवाने की सुपारी अपने नौकर विशाल को दी थी, जिसने अपने साथी राजकिशोर को इस प्लान में शामिल कर लिया था, प्लान था कि सुब्रत की सहायता से विशाल और राजकिशोर घर में घुसेंगे, तकिये से मुंह दबाकर विनीत मिनोचा को मार डालेंगे, बेटा सुब्रत सुबह में उसे नेचुरल मौत बता देगा। लेकिन बात बनी नहीं और विनीत को विशाल और राजकिशोर ने चाकुओं से गोदकर मार डाला। यहीं से सुब्रत का प्लान फेल हो गया।

नौकर का एक बयान और शालू बन गई हत्यारन

लेकिन सुब्रत ने प्लान बी भी तैयार कर रखा था। सुब्रत ने नौकर विशाल को कह रखा था कि अगर कभी वो पकड़ा जाए तो सुब्रत का नाम न ले, वो उसकी पत्नी शालू का नाम ले ले। शालू बहू थी, दुनिया आसानी से विश्वास कर लेगी कि उसने ससुर को मरवा दिया। हुआ भी ऐसा ही। सुब्रत के प्लान के अनुसार जिस दिन किट्टी पार्टी थी, विनीत मिनोचा की हत्या विशाल और राजकिशोर ने कर दी। जब पकड़ा गया तो सीधा कह दिया कि शालू ने ससुर विनीत मिनोचा को मारने की सुपारी दी थी।

पति को बचाने के लिए शालू फांसी पर चढ़ने को हो गई तैयार

विशाल ने जैसे ही शालू का नाम लिया, वह समझ गई कि हत्या उसके पति ने करवाया है। शालू थी तो भारतीय नारी, पति बुरा हो या अच्छा, वही भगवान होता है। शालू ने सारा इल्जाम अपने ऊपर ले लिया। कहा कि ससुर उसपर पाबंदियां लगाते थे, पार्टी नहीं करने देते थे, इसलिए उसने, उन्हें मरवा दिया। परिवार और बाकी दुनिया की तरह पुलिस ने भी शुरुआत में इस थ्योरी को सच मान बैठी। शालू गिरफ्तार कर ली गई, जेल भेज दी गई। लेकिन जब तीनों के बयानों के अंतर दिखा तो पुलिस ने सुब्रत पर शिकंजा कसा।

सुब्रत ने स्वीकारा, पिता थे चरित्रहीन, पति को फंसाने का अफसोस

इसके बाद जब सुब्रत को पुलिस ने दबोचा तो उसने असली कहानी उगल दी। सुब्रत ने दावा किया कि उसके पिता चरित्रहीन थे, कई महिलाओं के साथ उनके संबंध थे। उसे खर्च के लिए काफी पैसे नहीं मिलते थे। वह कर्ज में डूबा था। इन सबके कारण उसने अपने पिता की हत्या की साजिश रची। सुब्रत ने कहा कि उसकी पत्नी को इस साजिश की भनक तक नहीं थी। पत्नी शालू के जेल जाने से सुब्रत को पछतावा है, लेकिन पिता को मरवाने का अफसोस नहीं है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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