क्राइम (सांकेतिक फोटो)
पुणे : वारजे माळवाड़ी पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्या का खुलासा किया है। इस घटना ने हर किसी को चौंका दिया। यह मामला 'दृश्यम 3' जैसी फिल्मी कहानी की तरह सामने आया, जहां शुरुआत एक गुमशुदगी की रिपोर्ट से हुई और अंत में पुलिस ने उसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया जिसने अपनी पत्नी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी।
यह घटना 28 अक्टूबर की है। वारजे माळवाड़ी पुलिस थाने में समीर पंजाबराव जाधव (42) ने अपनी पत्नी के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसकी पत्नी श्रीराम मिसळ हाऊस, गोगलवाडी फाटा, मुंबई-बेंगलुरु हायवे, शिंदेवाडी, पुणे से अचानक लापता हो गई है। बाद में आगे की जांच के लिए मामले को राजगड पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया।
शुरुआती जांच में यह मामला साधारण गुमशुदगी का लगा, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने पूछताछ गहराई से शुरू की, पति के बयानों में कई विरोधाभास नजर आने लगे। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विश्वजीत काईंगडे ने उपनिरीक्षक संजय नरळे और नितीन गायकवाड को जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। संदेह बढ़ने पर जब आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई तो समीर जाधव ने आखिरकार यह स्वीकार कर लिया कि उसने ही अपनी पत्नी की हत्या की है।
पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। इसी शक के चलते उसने फिल्मी अंदाज में साजिश रचकर उसकी हत्या कर दी। साथ ही, खुद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आगे की विस्तृत जांच राजगड पुलिस स्टेशन द्वारा की जा रही है।
इस कार्रवाई को पुणे परिमंडल-3 के उपायुक्त संभाजी कदम और सहायक पुलिस आयुक्त भाऊसाहेब पठारे के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। जांच टीम में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विश्वजीत काईंगडे, उपनिरीक्षक संजय नरळे, नितीन गायकवाड सहित कर्मचारी गणेश कर्चे, सुनिल मुठे, योगेश वाघ, शरद पोळ और शिरीष गावडे शामिल थे।