महाराष्ट्र एटीएस ने पीएफआई के एक खतरनाक मंसूबे का खुलासा किया है। एटीएस के हाथ एक ऐसी बुकलेट लगी है, जिसमें इंडिया को एक इस्लामिक राष्ट्र बनाने की तैयारियों के बारे में सबूत मिला है। भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की पूरी योजना बना ली गई है। कितने बजे, क्या काम करना है, इस पूरे विवरण के साथ एक दस्तावेज तैयार किया गया है और इस दस्तावेज का नाम है 'ऑपरेशन बुकलेट'।
मुंबई से गिरफ्तार कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के एक सदस्य के पास से यह खतरनाक दस्तावेज बरामद हुआ है। इसका जिक्र महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) की चार्जशीट में विस्तार से किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ये दस्तावेज गुपचुप तरीके से लोगों, खासकर मुस्लिमों के बीच बांटे जा रहे थे। यह खुलासा गिरफ्तार आरोपी मजहर के मोबाइल फोन की जांच के बाद हुआ। इसमें कहा गया है कि 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना है। यानी जब भारत की आजादी के 100 साल पूरे हो जाएं, तब तक भारत पूरी तरह इस्लामिक राष्ट्र बन जाए। इसके लिए इस दस्तावेज में पूरी योजना बनाई गई है।
इस दस्तावेज़ में भारतीय मुसलमानों का इतिहास, उनकी दयनीय स्थिति, अल्पसंख्यक होने के कारण भेदभाव की स्थिति, विभिन्न मुस्लिम संगठनों में आपसी मतभेदों की समस्या और गुजरात दंगों के बाद मुसलमानों पर हुए अत्याचारों के बारे में बताया गया है। 2047 तक इस्लामी राष्ट्र बनाने के लिए, अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से प्रत्येक उद्देश्य को कैसे प्राप्त किया जाए, इस पर विस्तृत जानकारी दी गई है।
इस दस्तावेज में संगठन के सदस्यों को शिक्षा से लेकर संसद तक अपनी ताकत कैसे बढ़ाई जाए, इस संबंध में बताया गया है। इस लड़ाई में हर जगह और विभाग में मौजूद मुसलमानों को कैसे शामिल किया जाए। इस दस्तावेज में आरोप लगाया गया है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़ा है।
