क्राइम

फिल्मी नहीं ये है असली 'दृश्यम' की कहानी, बेटे को मार ऐसी जगह छुपाई मां की खोजती रह गई पुलिस!

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jul 2, 2023, 10:44 PM IST

ये घटना सूरत की है। 27 जून 2027 को एक महिला पुलिस के पास पहुंचती है और दावा करती है कि उसका बेटा लापता है। बेटे की उम्र ढाई साल होती है। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

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गुजरात में दृश्यम देखकर मां ने छुपाई बेटे की लाश (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)

दृश्यम मूवी में जैसे अजय देवगन, अपने परिवार को बचाने के लिए लाश को ठिकाने लगा देते हैं, पुलिस को लाश नहीं मिलती है वो जुर्म कबूल नहीं करते हैं और पुलिस से बचते रहते हैं, वैसे ही गुजरात में एक महिला ने भी खेल खेला, लेकिन फिल्म और हकीकत में शायद उसे अंतर का पता नहीं था और वो पकड़ी गई।

क्या है कहानी

ये घटना सूरत की है। 27 जून 2027 को एक महिला पुलिस के पास पहुंचती है और दावा करती है कि उसका बेटा लापता है। बेटे की उम्र ढाई साल होती है। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मां एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करती थी और उसका दावा था कि वहीं से उसका बेटा लापता हुआ है। पुलिस ने वहां लगे सीसीटीवी को जब देखा तो बचा वहां से जाता हुआ नहीं दिखा। जिसके बाद मां सवालों के घेरे में आ गई।

पुलिस को उलझा रही थी महिला

बच्चे से जुड़े किसी भी सवाल का महिला सही से जवाब नहीं दे रही थी। सीसीटीवी से पता चल गया था कि बच्चा बाहर नहीं गया है और गया भी है तो जिंदा तो नहीं होगा। जिसके बाद जब महिला से सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने अपने एक प्रेमी का नाम ले लिया। बोली कि झारखंड में उसका एक प्रेमी है, शायद वहीं बच्चे का आपहरण करके ले गया हो, लेकिन पुलिस ने जब प्रेमी की लोकेशन ट्रेस की तो उसका लोकेशन सूरत के आसपास था ही नहीं।

जुर्म का कबूलनामा

इसके बाद पुलिस महिला के साथ ज्यादा सख्ती से पेश आई, जिसके बाद उसने स्वीकार किया कि उसी ने अपने बच्चे की हत्या की है। जुर्म के कबूलने के बाद भी महिला, लाश के बारे में नहीं बता रही थी, पुलिस को गुमराह कर रही थी। कभी कहती तालाब में फेंक दी तो कभी कहती गड्ढे में दबा दिया, लेकिन पुलिस को लाश नहीं मिली। पुलिस के लगातार प्रयासों के बाद महिला ने बताया कि उसने लाश को कंस्ट्रक्शन साइट के टॉयलेट वाले गड्ढे में डाल दी है। जहां से पुलिस ने लाश को बरामद कर लिया।

क्यों मारी

महिला ने बताया कि उसका प्रेमी बच्चे के साथ अपनाने के लिए तैयार नहीं था। वो कहता था कि वो बच्चे के बिना आए, जिसके बाद महिला ने बच्चे को मार कर दृश्यम स्टाइल में लाश को दफना दिया, ताकि पुलिस से वो बची रह सके।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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