क्राइम

प्राइवेट पार्टस में 'शराब' की बोतल, रेप के बाद कानों में 'तेजाब', पेंचकस से फोड़ दी आंखे, छावला गैंगरेप-मर्डर की कहानी जान रो देंगे आप

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Nov 15, 2022, 11:40 PM IST

दिल्ली के छावला गैंगरेप-मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने फाँसी की सजा को बदलकर 'अनामिका' के कातिलों को बरी कर दिया है, लेकिन लोगों को जानकारी नहीं कि इस रेप कांड में कितनी हैवानियत हुई थी।

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छावला गैंगरेप-मर्डर की कहानी जान रो देंगे आप

Photo : iStock

दिल्ली के निर्भया रेप कांड की याद तो सभी के जेहन में होगी ही लेकिन कम ही लोगों को पता होगा कि साल 2012 जिस साल निर्भया के साथ दरिंदगी हुई थी उसी साल तकरीब 9 महीने पहले ही राजधानी दिल्ली में एक और गैंगरेप और मर्डर की घटना सामने आई थी, जी हां हम बात कर रहे हैं छावला गैंगरेप एंड मर्डर (Chhawla Gangrape Murder Case) की, जिसमें पीड़िता के साथ जितनी हैवानियत की गई थी, उसके बारे में जानकर हो सकता है आप रो दें क्योंकि उस रात ना सिर्फ पीड़िता जिसे 'अनामिका' नाम दिया गया था, उसके साथ वो बर्ताब किया गया जो जानवर भी ना करें, मगर इतनी वहशियाना हरकत के बाद भी सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना के तीनों आरोपियों को फांसी की सजा के बजाय बरी कर दिया, कोर्ट के इस फैसले से ना सिर्फ पीड़िता के घरवालों को दर्द हुआ है बल्कि हर उस शख्स को झटका लगा है जो पीड़िता के लिए इंसाफ की बाट जोह रहा था।

उत्तराखंड की एक बेटी जो अपने परिवार के साथ राजधानी दिल्ली में रह रही थी, वो अभी दुनिया को और दुनियादारी को समझ ही रही थी कि एक दिनम उसके साथ वो हुआ जिसे जानकर अच्छे अच्छे का कलेजा मुंह को आ जाए, इस घटना को करीब 12 साल बीत गए हैं,मगर अभी भी उसका परिवार के लोग इंसाफ की आस में बैठा है।

जान लें क्या था ये छावला गैंगरेप-मर्डर केस

साल 2012 का जाड़ों का जाता हुआ महीना था, हां वो फरवरी का महीना था और तारीख थी 9 फरवरी, 'अनामिका' किसी काम से घर से बाहर निकली थी उसे निपटाकर घर की ओर जा रही थी। तभी रास्ते में राहुल, रवि और विनोद नाम के तीनों आरोपियों ने लड़की को अगवा कर लिया इसके बाद उन हैवानों ने उस लड़की के साथ हैवानियत की और उसकी जान ले ली।

लाश हरियाणा के रेवाड़ी में बहुत बुरी हालत में मिली

अपनी बेटी के घर ना आने पर बेहाल परिवार वालों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज की और अपनी लाडली की तलाश शुरू की, काफी खोजबीन के बाद पुलिस को लड़की की लाश हरियाणा के रेवाड़ी में बहुत बुरी हालत में पाई गई, ये बाद में जांच करने पर साफ हुआ कि उसके साथ गैंगरेप के साथ ही तमाम यातनाएं दी गई थीं।

मौत से पहले उसे जो यातनाएं दी गईं वो आपको रूला देंगी

लाश बरामदगी के बाद पोस्टमार्टम में साफ हुआ कि 19 साल की इस लड़की के साथ गैंगरेप हुआ यही नहीं उसे कई और तरह की यातनाएं दी गई बताते हैं कि उसकी आंखों और चेहरे पर तेजाब डाला गया, प्राइवेट पार्ट्स में शराब की बोतल, तो कार में मौजूद औजारों से पीटा गया, इतने से भी आरोपियों का मन नहीं भरा तो उसके शरीर को सिगरेट और गर्म लोहे से दागकर अपना बहशीपना दिखाया।

'निर्भया' की ही तरह उसका नाम बदलकर 'अनामिका' रखा गया

'अनामिका' भी जीना चाहती थी उसके भी अपने सपने थे लेकिन ऐसा ना हो सका, वो मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली थी और दिल्ली में वह छावला के कुतुब विहार में रहती थी, निर्भया की ही तरह इस मासूम का नाम भी बदलकर 'अनामिका' रखा गया था।

छावला गैंगरेप मामले आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट ने कर दिया बरी

हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले में इन आरोपियों को फाँसी देने की जगह बरी कर दिया गया। कोर्ट ने तीनों आरोपी रवि, राहुल और विनोद को बरी कर दिया, कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट और निचली अदालत के उस फैसले को भी पलट दिया जिसमें दोषियों के लिए फांसी की सजा सुनाई गई थी, इस फैसले से पीड़िता के परिवार जन और तमाम लोग बेहद आहत हैं। वहीं उसी साल हुए 'निर्भया गैंगरेप' मामले में एक लंबी लड़ाई के बाद सभी दोषियों को फांसी के तख्ते पर लटका दिया गया था।

रवि वैश्य
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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