क्राइम

आफताब ने कत्ल की साजिश हिमाचल में रची और अंजाम दिल्ली में दिया, गुस्से में नहीं बल्कि प्री-प्लांड थी श्रद्धा की हत्या!

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 24, 2022, 08:37 PM IST

आफताब ने श्रद्धा की हत्या करने की प्लानिंग काफी पहले बना ली थी। उसकी हत्या करने के बाद आफताब ने लाश फेंकने के लिए जंगल का चयन भी पहले कर लिया था। उसने महरौली जंगल में रेकी भी की थी। जहां आफताब ने लाश के 35 टुकड़ों को फेंका था।

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श्रद्धा की लाश को ठिकाने लगाने से पहले जंगल की आफताब ने की थी रेकी

Photo : PTI

श्रद्धा हत्याकांड (Shraddha Murder Case) मामले में एक नया खुलासा हुआ है। पुलिस के सूत्रों की मानें तो हत्या की प्लानिंग आफताब (Aftab) ने दिल्ली पहुंचने से पहले ही कर लिया था। सारी प्लानिंग करने के बाद ही वो श्रद्धा को लेकर दिल्ली पहुंचा था। साथ ही जिस जंगल में लाश को फेंकना था, उसकी रेकी भी पहले ही कर ली थी।

पुलिस ने पुष्टि की है कि श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने महरौली में मकान किराए पर लेने से पहले इलाके का मुआयना किया था। महाराष्ट्र पुलिस को श्रद्धा का पत्र मिलने के बाद, पुलिस आफताब के इस दावे पर विश्वास करने को तैयार नहीं है कि गुस्से में यह हत्या की गई थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार आफताब ने श्रद्धा की हत्या करने का बाद लाश को काटने के लिए एक से अधिक हथियारों का प्रयोग किया था। आफताब ने हत्या की प्लानिंग हिमाचल में ही बना ही ली थी, उसके बाद वो दिल्ली पहुंचा और अपने मंसूबे को अंजाम दे दिया। हिमाचल में ही उसकी मुलाकात बद्री नाम के शख्स से हुई थी। इसी शख्स ने दिल्ली में कमरे दिलवाने में आफताब की मदद की थी। जंगल की रेकी भी आफताब ने बद्री के साथ मिलकर ही की थी। हालांकि बद्री को शायद हत्या वाली बात नहीं पता थी। पुलिस बद्री को ढूंढने में लगी है, बद्री के पकड़े जाने के बाद इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।

सूत्रों की मानें तो आफताब पुलिस को जिस तरह से जवाब दे रहा है, उससे पुलिस भी उसपर भरोसा नहीं कर रही है। वो एकदम नॉर्मल है और उसे शायद ही हत्या को लेकर कोई अफसोस है। वह सवालों का रटे-रटाये जवाब दे रहा है। इसलिए पुलिस उसका नार्को टेस्ट करवाने की तैयारी कर रही है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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