श्रद्धा हत्याकांड (Shraddha Murder Case) मामले में एक नया खुलासा हुआ है। पुलिस के सूत्रों की मानें तो हत्या की प्लानिंग आफताब (Aftab) ने दिल्ली पहुंचने से पहले ही कर लिया था। सारी प्लानिंग करने के बाद ही वो श्रद्धा को लेकर दिल्ली पहुंचा था। साथ ही जिस जंगल में लाश को फेंकना था, उसकी रेकी भी पहले ही कर ली थी।
पुलिस ने पुष्टि की है कि श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने महरौली में मकान किराए पर लेने से पहले इलाके का मुआयना किया था। महाराष्ट्र पुलिस को श्रद्धा का पत्र मिलने के बाद, पुलिस आफताब के इस दावे पर विश्वास करने को तैयार नहीं है कि गुस्से में यह हत्या की गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आफताब ने श्रद्धा की हत्या करने का बाद लाश को काटने के लिए एक से अधिक हथियारों का प्रयोग किया था। आफताब ने हत्या की प्लानिंग हिमाचल में ही बना ही ली थी, उसके बाद वो दिल्ली पहुंचा और अपने मंसूबे को अंजाम दे दिया। हिमाचल में ही उसकी मुलाकात बद्री नाम के शख्स से हुई थी। इसी शख्स ने दिल्ली में कमरे दिलवाने में आफताब की मदद की थी। जंगल की रेकी भी आफताब ने बद्री के साथ मिलकर ही की थी। हालांकि बद्री को शायद हत्या वाली बात नहीं पता थी। पुलिस बद्री को ढूंढने में लगी है, बद्री के पकड़े जाने के बाद इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
सूत्रों की मानें तो आफताब पुलिस को जिस तरह से जवाब दे रहा है, उससे पुलिस भी उसपर भरोसा नहीं कर रही है। वो एकदम नॉर्मल है और उसे शायद ही हत्या को लेकर कोई अफसोस है। वह सवालों का रटे-रटाये जवाब दे रहा है। इसलिए पुलिस उसका नार्को टेस्ट करवाने की तैयारी कर रही है।
