वाराणसी

Gyanvapi Case: वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में सुनवाई टली, इलाहाबाद हाईकोर्ट में अब 12 फरवरी को हियरिंग

  • Compiled by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 7, 2024, 04:34 PM IST

Gyanvapi Case Hearing: ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी तहखाने में पूजा अर्चना के खिलाफ दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई, इस दौरान सुनवाई पूरी करते हुए न्यायमूर्ति रोहित रंजन की सिंगल बेंच ने यूपी सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

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वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में सुनवाई टली

Gyanvapi Case Hearing Update: इलाहबाद उच्च न्यायालय ने वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर स्थित व्यास जी का तहखाने में हिंदुओं को पूजा अर्चना की अनुमति देने के खिलाफ अंजुमन इंतेजामिया की अपील पर सुनवाई 12 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी। वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करने वाली अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने व्यास जी के तहखाने में पूजा अर्चना करने की अनुमति संबंधी वाराणसी की अदालत के 31 जनवरी के आदेश के खिलाफ पिछले शुक्रवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की थी।

न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने इस मामले में सुनवाई के बाद सुनवाई 12 फरवरी के लिए टाल दी, अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी।वहीं उत्तर प्रदेश के वाराणसी की जिला अदालत ने ज्ञानवापी परिसर में बंद अन्य सभी तहखानों का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से सर्वे कराये जाने का आदेश देने के आग्रह वाली याचिका पर सुनवाई के लिए 15 फरवरी की तिथि तय की है।हिंदू पक्ष के अधिवक्ता मदन मोहन यादव ने मंगलवार को बताया कि कार्यवाहक जिला जज अनिल कुमार (पंचम) की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर में बंद अन्य सभी तहखानों का एएसआई से सर्वे कराये जाने का आदेश देने के आग्रह वाली याचिका पर सुनवाई के लिए 15 फरवरी की तिथि तय की है।

उन्होंने बताया कि ज्ञानवापी श्रंगार गौरी मामले में पक्षकार और विश्व वैदिक सनातन संघ की सदस्य राखी सिंह ने अपनी याचिका में काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सभी बंद तहखानों का एएसआई से सर्वेक्षण करने का आदेश देने का आग्रह किया।राखी सिंह के वकील अनुपम द्विवेदी ने बताया कि याचिका में कहा गया है कि तहखानों के अंदर 'गुप्त तहखाने' हैं और उनका भी सर्वेक्षण करना जरूरी है ताकि ज्ञानवापी मस्जिद का पूरा सच सामने आ सके।

याचिका में बंद तहखानों का नक्शा भी शामिल किया गया है।यादव ने कहा, "हिंदू पक्ष के अधिवक्ताओं ने अदालत से कहा कि वर्ष 1991 के मामले में उच्च न्यायालय ने शेष कार्यवाही (सर्वेक्षण) कराने का आदेश दिया है। इस आदेश के मद्देनजर बचे हुए तहखानों का भी सर्वे कराना जरूरी है।"

उन्होंने बताया कि इस पर मुस्लिम पक्ष यानी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उच्च न्यायालय का ऐसा कोई आदेश नहीं है। ऐसे में शेष तहखानों के सर्वेक्षण का आदेश देने का कोई आधार नहीं है।यादव ने बताया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला अदालत ने अगली तारीख दे दी। राखी सिंह सहित पांच महिला श्रद्धालुओं की पूर्व में दाखिल याचिका पर स्थानीय अदालत ने एएसआई को ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने को छोड़कर बाकी परिसर का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था।

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