UP News: उत्तर प्रदेश के 'गंगा एक्सप्रेसवे' की गुणवत्ता और मेंटेनेंस को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अमरोहा के बाद अब उन्नाव जनपद के दही क्षेत्र स्थित बशीरतगंज के पास किमी 421-422 पर सराय कटियान नहर पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट के किनारे अचानक दरार आ गई। ज्वाइंट के किनारे आई इस दरार की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। निर्माण एजेंसी की टीम ने आनन-फानन में मौके पर पहुंचकर दरार के ऊपर डामर की ओवरलैपिंग कर उसे दुरुस्त किया, जिसे लेकर अब लीपापोती करने के आरोप भी लग रहे हैं।
उन्नाव और अमरोहा में लगातार सामने आ रही हैं खामियां
गंगा एक्सप्रेसवे पर पिछले कुछ महीनों से लगातार मरम्मत और धंसने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्नाव में सराय कटियान के पास एक्सपेंशन ज्वाइंट फटने के अलावा ढलान पर बनी कई नालियां भी टूटी हुई मिली हैं, जिनकी सीमेंट और गिट्टी से मरम्मत की जा रही है।
इससे पहले 14 अगस्त की शाम को अमरोहा के हसनपुर तहसील क्षेत्र में भारी बारिश के कारण फैयाज नगर और सहदरा मिलक के पास गंगा एक्सप्रेसवे का लगभग 20 मीटर हिस्सा धंस गया था। सड़क पर बने बड़े गड्ढे की वजह से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई थी।
जुलाई के महीने में भी सोनिक टोल के पास एप्रोच मार्ग 7 मीटर तक बह गया था, जबकि बिछिया से मियांगंज के बीच लगभग 40 स्थानों पर सर्विस लेन धंसने की घटनाएं पाई गई थीं।
गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर राहगीर चिंतित
करोड़ों की लागत से बन रहे इस एक्सप्रेसवे पर बार-बार आ रही दरारों, धंसती सर्विस रोड और टूटी नालियों की तस्वीरों ने चालकों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मानसून के इस मौसम में लगातार हो रहे हादसों और मरम्मत कार्यों ने निर्माण एजेंसियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
