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सावधान! Delhi Dehradun Expressway पर संभलकर, चलती गाड़ियों पर पत्थर मार रहे स्थानीय बच्चे

Delhi Dehradun Expressway के जरिए दिल्ली और देहरादून के बीच का सफर सिर्फ ढाई घंटे का रह गया है। लेकिन इसी रूट पर शामली के पास चलती कार पर पत्थर फेंकने की घटना डैशकैम में रिकॉर्ड हुई है।

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दिल्ली देहरादून एक्सप्रेवे पर फर्राटा मारते हुए सावधान

Delhi Dehradun Expressway: हाल के दिनों में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे कई हाई-स्पीड सड़क परियोजनाएं शुरू हुई हैं। इनमें से कुछ पर आप भी फर्राटा मार चुके होगे या तेज रफ्तार का लुत्फ लेने का प्लान बना रहे होंगे। ज्यादातर एक्सप्रेसवे को 100 किमी या उससे ज्यादा की स्पीड से चलने के लिहाज से बनाया गया है। इतनी रफ्तार से चलते समय एक छोटा सा कंचे के बराबर पत्थर भी अगर आपकी गाड़ी के शीशे से टकरा जाए तो शीशा टूटना तय है। गाड़ी का बैलेंस बिगड़ सकता है और गाड़ी पलट भी सकती है। ऐसे में पीछे से आ रही तेज रफ्तार गाड़ियों की चपेट में आने से भयंकर एक्सीडेंट हो सकता है। इस बारे में आज बात इसलिए क्योंकि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर शामली के पास कुछ बच्चे एक्सप्रेसवे पर चलती गाड़ियों पर पत्थर मारते हुए देखे गए हैं।

इंफ्रा ब्लॉगर मोहित कुमार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल @DetoxTravellerr पर ऐसी ही एक घटना के बारे में बताया है। अपनी इस पोस्ट में उन्होंने वीडियो और फोटो अपलोड की हैं। उन्होंने बताया कि उनके साथ यह घटना 16 जून 2026 को हुई। दोपहर करीब 2.05-2.08 के बीच वह सहारनपुर से बागपत की ओर दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (फेस-2) पर यात्रा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि किमी 81+100 के आसपास सड़क किनारे मौजूद कुछ बच्चों में से एक ने उनकी कार पर पत्थर फेंका।

कहां लगा पत्थर

मोहित ने बताया कि फेंका गया पत्थर उनकी गाड़ी की प्लास्टिक क्लैडिंग पर लगा, जिसका असर क्लैडिंग पर साफ देखा जा सकता है। उनका कहना है कि अगर यह पत्थर सीधे गाड़ी की बॉडी पैनल या विंडशील्ड पर लगता तो नुकसान कीं ज्यादा हो सकता था। उनका कहना है कि यह सिर्फ गाड़ी को हुए नुकसान का मामला नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर विषय भी है।

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गाड़ी की प्लास्टिक क्लैडिंग पर पत्थर का असर

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पड़े मिले कई पत्थर

मोहित ने इस पोस्ट में आगे बताया कि पत्थर लगने के बाद जब उन्होंने गाड़ी रोककर पीछे जाना शुरू किया तो सभी बच्चे वहां से भाग गए। उन्होंने बताया कि जब वह उस जगह पहुंचे, जहां बच्चे पहले खड़े दिख रहे थे तो वहां पर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के मेन कैरिजवे पर बहुत से पत्थर पड़े हुए थे। अपनी पोस्ट में मोहित कहते हैं, उन्हें आशंका है कि यहां से गुजरने वाली अन्य गाड़ियों को भी इसी प्रकार निशाना बनाया जाता होगा।

गाड़ी के डैश कैम में रिकॉर्ड हुई घटना

मोहित कुमार की गाड़ी पर पत्थर फेंकने की यह घटना उनकी गाड़ी में लगे डैशकैम में रिकॉर्ड हुई है। यही नहीं हो सकता है दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर लगे CCTV कैमरों में भी यह घटना कैद हुई होगी, क्योंकि यहां हर कुछ दूरी पर ऐसे सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।

मोहित कुमार ने की जांच की मांग

मोहित कुमार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी सरकार, यूपी पुलिस, शामली पुलिस, शामली के डीएम को टैग करते हुए यह पोस्ट लिखी है। इस पोस्ट में उन्होंने डैशकैम का वीडियो भी अपलोड किया है, जिसमें एक लड़का पत्थर फेंकते हुए दिख रहा है, जबकि वहां मौजूद अन्य लड़कों के हाथों में भी पत्थर हैं। उन्होंने उपलब्ध CCTV और अन्य सुबूतों के आधार पर मामले की जांच कर जरूरी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि संबंधित बच्चों और उनके पैरेंट्स को इस तरह की खतरनाक हरकतों के प्रति जागरुक किया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।

पुलिस की तरफ से कोई जवाब नहीं आया

मोहित कुमार ने 19 जून को सोशल मीडिया के जरिए इस मुद्दे को उठाया। उसी दिन उनके सोशल मीडिया पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने शामली पुलिस को टैग किया और संज्ञान में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने को कहा। न तो मोहित की तरफ से न ही शामली पुलिस की तरफ से इस बारे में सोशल मीडिया पर आगे कुछ लिखा गया है। हमने भी आज यानी मंगलवार 23 जून को सुबह 10.02 बजे शामिली पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल पर डीएम करके इस बारे में जानना चाहा, लेकिन 3.20 बजे खबर छापने तक उनका कोई जवाब हमें नहीं मिला।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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