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विधानमंडल सत्र की शुरुआत होते ही सपा को झटका; विधायक सचिन यादव पूरे सत्र से निष्कासित, CM योगी की एडिटेड तस्वीर लहराई थी

लखनऊ के विधान भवन में चल रहे विधानमंडल सत्र के दौरान सियासी हलचल तेज हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने अनुशासनहीनता और सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निष्कासित कर दिया।

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सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ सचिन यादव (फाइल फोटो)

Photo : Twitter

Sachin Yadav: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानमंडल के जारी मानसून सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कड़ा अनुशासनात्मक फैसला लिया। सदन की कार्यवाही में व्यवधान और अनुशासनहीनता के आरोप में समाजवादी पार्टी (सपा) के जसराना विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए विधानसभा से निष्कासित कर दिया गया है। फिरोजाबाद जिले की जसराना विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले सचिन यादव के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल बढ़ गई है। विधानसभा अध्यक्ष के इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

असल में बवाल उस समय हुआ, जब सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एडिटेड तस्वीर लहराने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव से नाराज हो गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए अध्यक्ष ने सचिन यादव को पूरे सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से निष्कासित करने का आदेश दिया। अध्यक्ष सतीश महाना ने सख्त लहजे में कहा कि सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए बाहर किया जाता है। उन्होंने सदन में अनुशासन बनाए रखने पर जोर देते हुए विधायक के आचरण पर कड़ी आपत्ति जताई। इसके बाद मार्शलों ने अध्यक्ष के निर्देश पर सचिन यादव को सदन से बाहर कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष के आदेश के बाद सचिन यादव अब मौजूदा सत्र की बाकी बैठकों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। ऐसे में सदन से बाहर किए जाने के बाद सपा विधायक विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए।

विपक्षी दलों के विधायकों ने कड़ा विरोध जताया

सचिन यादव के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों के विधायकों ने कड़ा विरोध जताया। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। सपा विधायकों का कहना है कि जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाना उनका संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विधानसभा की मर्यादा और निर्धारित नियमों का पालन करना प्रत्येक विधायक की जिम्मेदारी है। सरकार की ओर से साफ किया गया कि सदन के भीतर अनुशासनहीनता को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। घटना के बाद विधानसभा के अंदर माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। बढ़ते हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने निर्धारित समय से पहले ही आज की कार्यवाही समाप्त करने का फैसला किया। इसके बाद सदन को अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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