Jhunjhunu News: राजस्थान का झुंझुनूं जिला अब तक अपनी आलीशान हवेलियों और वीर सपूतों के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यहां की जमीन से दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक के प्रमाण मिले हैं। खेतड़ी के पास ‘रीढ़ का टीला’ क्षेत्र में पुरातत्व विभाग की खुदाई में ऐसे पत्थर के औजार मिले हैं, जिन्हें विशेषज्ञ लगभग 5 लाख वर्ष पुराना मान रहे हैं।
प्राचीन काल की 'फैक्ट्री साइट' मिली
पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की टीम, जिसका नेतृत्व उत्खनन अधीक्षक डॉ. विनीत गोधल कर रहे हैं, को खुदाई के दौरान पत्थर के ऐसे उपकरण मिले हैं जिनका उपयोग आदिमानव जानवरों की खाल उतारने और लकड़ी काटने के लिए करता था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहां केवल औजार ही नहीं, बल्कि उन्हें बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला 'कच्चा माल' और हैमर स्टोन भी बड़ी मात्रा में मिले हैं। इससे विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थान प्राचीन काल में औजार बनाने का एक बड़ा केंद्र यानी 'फैक्ट्री साइट' रहा होगा।
क्यों चुना होगा आदिमानव ने यह इलाका?
इतिहासकारों के अनुसार, खेतड़ी की पहाड़ियों में उपलब्ध कठोर क्वार्ट्जाइट पत्थर और पास में बहने वाली दोहान नदी ने प्राचीन मानव के लिए यहां रहना आसान बना दिया होगा। पानी की उपलब्धता और औजार बनाने के लिए सही पत्थर की मौजूदगी के कारण यह क्षेत्र प्रागैतिहासिक काल से ही मानव गतिविधियों का केंद्र रहा है।
गुप्तकालीन सिक्कों से लेकर राजपूत कालीन मंदिर तक
जैसे-जैसे खुदाई की परतें खुल रही हैं, इतिहास के अलग-अलग कालखंड सामने आ रहे हैं। इस सर्वेक्षण में पुरातत्वविदों को गणेश्वर संस्कृति के विस्तार के संकेत मिले हैं, जो तांबा युगीन सभ्यता से जुड़ा है। इसके अलावा यहां से गुप्त वंश के समय के सिक्के भी बरामद हुए हैं। खुदाई के ऊपरी स्तर पर करीब 1000 से 1500 साल पुराने मंदिर के अवशेष मिले हैं और मंदिर के साथ ही यहां राजपूत काल के समय की बसावट के भी पुख्ता निशान मिले हैं।
तांबे के व्यापार का बड़ा केंद्र
डॉ. विनीत गोधल के अनुसार, खेतड़ी क्षेत्र प्राचीन काल में तांबे के व्यापार का भी प्रमुख केंद्र था। यहां तांबे की प्रचुरता के कारण धातु उद्योग और व्यापार बड़े स्तर पर फल-फूल रहा था। इस खुदाई का उद्देश्य शेखावाटी के इतिहास की उन कड़ियों को जोड़ना है जो अब तक अनकही थीं। स्थानीय ग्रामीणों और विशेषज्ञों की टीम की मदद से चल रहे इस अभियान ने यह साफ कर दिया है कि झुंझुनूं और शेखावाटी का इतिहास उतना ही पुराना है जितनी खुद मानव सभ्यता।
