पटना/आगरा/लखनऊ। हाल ही में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। अब कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां देश के अलग-अलग हिस्सों में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। आज CEC के खिलाफ कई शहरों में राजनीतिक कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे, जिनमें पटना, लखनऊ, कानपुर आदि शहर शामिल हैं। आगरा में CEC ज्ञानेश कुमार के पैतृक घर के गेट पर प्रदर्शनकारियों ने कालिख पोत दी।
CEC ज्ञानेश कुमार के घर पर पोती कालिख
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आगरा में विजय नगर कॉलोनी स्थित पैतृक आवास पर आज यानी सोमवार 28 सितंबर की सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव अनिल यादव और मथुरा के जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में करीब 11 बजे प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर लेकर पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों ने CEC के पैतृक आवास के गेट पर कालिख पोत दी और काले पेंट से ‘ज्ञानेश कुमार गद्दार हैं’ लिख दिया। इसके बाद कुछ देर तक नारेबाजी करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
अब CCTV फुटेजी खंगाल रही पुलिस
प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस फोर्स मौजूद नहीं था। प्रदर्शनकारी कुछ देर नारेबाजी करने के बाद वहां से चले गए। उनके जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गेट पर पोती गई कालिख व लिखे गए शब्दों को साफ कराया। पुलिस अब इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे फोटो और वीडियो के साथ आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर प्रदर्शनकारियों की पहचान करने में जुटी है।
CEC के पैतृक आवास पर प्रदर्शन के बाद आगरा महानगर कांग्रेस के नेताओं ने सुभाष पार्क से कलेक्ट्रेट तक विरोध प्रदर्शन किया। इसमें मथुरा से आए कांग्रेस पदाधिकारी और संगठन महासचिव अनिल यादव भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।
पटना में प्रदर्शनकारियों और पुलिस की झड़प
बिहार की राजधानी पटना में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प देखने को मिली। पटना के डाक बंगला चौराहे पर वामदलों के कार्यकर्ता CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने यहां प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की हुई थी। दोनों के बीच खींचतान होने पर पुलिस ने आगे बढ़ रहे राजनीतिक कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
लखनऊ में बैरिकेडिंग, कार्यकर्ता हिरासत में
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बनी और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर सवाल उठाए हैं।
छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस का प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में भी एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस के कार्यकर्ता राजीव भवन से दुर्ग कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल हुए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला भी फूंका।
2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे प्रशांत भूषण
वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण आज दिल्ली में संसद मार्ग थाने पहुंचे। उनका कहना है कि आगामी 2 अक्टूबर को वह जंतर-मंतर पर SIR और इलेक्शन कमीशन के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे हैं। उन्होंने इस प्रदर्शन के लिए इजाजत मांगने की बात कही।
प्रशांत भूषण का कहना है कि 2 अक्टूबर को लगभग 500 से 1000 लोगों के बीच में हम जंतर मंतर पहुंचेंगे। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि किस बैनर के तले ये प्रदर्शन होगा यह स्थिति अभी साफ नहीं है
SIR को लेकर बढ़ा विवाद
कांग्रेस का यह अभियान विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर है। पार्टी की तरफ से लगातार CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। दूसरी तरफ, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और बहुसदस्यीय आयोग में अलग-अलग टिप्पणियां प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
वाराणसी में भी CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग की। यहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि ज्ञानेश कुमार के पद पर रहते हुए निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद नहीं की जा सकती।
