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‘बैलट पेपर से हों चुनाव’: EVM पर मायावती का बड़ा बयान, चंद्रशेखर आजाद की जीत पर भी उठाए सवाल

BSP चीफ मायावती (Mayawati) ने ईवीएम के बजाय बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे कमजोर वर्गों का भ्रम दूर होगा और चुनावों में निष्पक्षता तथा पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी।

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मायावती ने ईवीएम को हटाने की मांग की (फाइल फोटो- @Mayawati)

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए देश में आगामी सभी चुनाव बैलट पेपर के जरिए कराने की पुरजोर मांग की है। मायावती ने कहा कि संविधान निर्माता बाबासाहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश के प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अधिकार दिया है, और यह सुनिश्चित करना चुनाव आयोग का कर्तव्य है कि नागरिक का वोट उसी उम्मीदवार को मिले जिसे उसने दिया है। इस दौरान मायावती ने सांसद चंद्रशेखर आजाद की जीत पर भी सवाल उठा दिए।

भाजपा के दोहरे रवैये पर घेरा

मायावती ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब खुद भाजपा ने ही ईवीएम का कड़ा विरोध किया था। भाजपा ने तब तर्क दिया था कि ईवीएम एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है और इसकी चिप का दुरुपयोग किया जा सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा ने ही यह मुद्दा उठाया था कि दुनिया के अधिकांश विकसित देशों में ईवीएम के बजाय बैलट पेपर से चुनाव होते हैं। बसपा प्रमुख ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जो पार्टी पहले ईवीएम का विरोध करती थी, आज वही इसके माध्यम से चुनाव कराने पर अड़ी हुई है।

कमजोर वर्ग के मतदाताओं में भ्रम की स्थिति

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उनकी पार्टी के समर्थक मुख्य रूप से कमजोर एवं वंचित वर्गों से आते हैं। ईवीएम के कारण उनके मन में यह गहरी शंका पैदा हो गई है कि उनका डाला गया वोट सही उम्मीदवार के खाते में नहीं जा रहा है।

इस संदर्भ में मायावती ने नगीना सीट से आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद का उदाहरण देते हुए गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस सीट पर जनाधार न होने के बावजूद भाजपा ने ईवीएम में धांधली करवाकर चंद्रशेखर को जिताने में मदद की। मायावती ने चंद्रशेखर पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां भी दलितों से जुड़ा कोई मामला होता है, वे केवल अपना राजनीतिक हित साधने के लिए वहां पहुंच जाते हैं।

वीवीपैट और एसआईआर को लेकर उठाए सवाल

मायावती ने ईवीएम के साथ इस्तेमाल होने वाली वीवीपैट (VVPAT) मशीन को भी नाकाफी बताया। उन्होंने कहा कि वीवीपैट की पर्चियों का शत-प्रतिशत मिलान या गणना न होने के कारण इसका कोई खास फायदा नहीं मिल पा रहा है, जिससे मतदाताओं का संदेह दूर नहीं हो रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर फैली असमंजस की स्थिति पर भी चुनाव आयोग से जल्द रुख साफ करने की मांग की।

दिल्ली और पंजाब की कानून-व्यवस्था पर चिंता

अपने संबोधन के अंत में मायावती ने देश के राज्यों, विशेषकर दिल्ली और पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब होना देश की सुरक्षा और शांति के लिए चिंताजनक है, जिस पर संबंधित सरकारों को तत्काल और विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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