विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों और कानूनों के विरोध में करणी सेना द्वारा निकाली जा रही 'सवर्ण न्याय यात्रा' का सोमवार को राजधानी जयपुर में समापन हो रहा है। बीकानेर स्थित प्रसिद्ध करणी माता मंदिर से शुरू हुई यह 600 किलोमीटर लंबी यात्रा विभिन्न जिलों से गुजरते हुए जयपुर पहुंची है। हालांकि, कलेक्ट्रेट घेराव और ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन और करणी सेना के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।
600 किमी का सफर तय कर जयपुर पहुंची यात्रा
यूजीसी नियमों में बदलाव और सवर्ण समाज की विभिन्न मांगों को लेकर करणी सेना ने बीकानेर के देशनोक स्थित श्री करणी माता मंदिर से इस 'सवर्ण न्याय यात्रा' का आगाज किया था। लगभग 600 किलोमीटर का पैदल व वाहनों का सफर तय कर आज बड़ी संख्या में करणी सैनिक जयपुर में एकत्रित हुए हैं। आयोजकों का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम आज जयपुर में जिला कलेक्टर को मांगों का ज्ञापन सौंपने का है।
कलेक्ट्रेट कूच की अनुमति नहीं, भारी पुलिस बल तैनात
जयपुर में बड़ी तादाद में करणी सैनिकों के जमावड़े को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के रास्तों पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को सामूहिक रैली या जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी गई है। सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई है।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की आशंका
प्रशासन द्वारा रैली की अनुमति न मिलने के बावजूद करणी सैनिक कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने पर अड़े हुए हैं। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं और पुलिस बलों के बीच तनातनी का माहौल है।
यदि प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़कर कलेक्ट्रेट में घुसने का प्रयास करते हैं, तो पुलिस और करणी सैनिकों के बीच तीखी झड़प देखने को मिल सकती है। फिलहाल पुलिस प्रशासन आला अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित करने और आयोजकों से वार्ता का प्रयास कर रहा है।
