गुरुग्राम

अर्श से फर्श पर संदीप सिंह! कभी थे इंडिया के हॉकी आइकन, कहलाते थे ‘फ्लिकर सिंह’; ऐसा रहा है सफर

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jan 1, 2023, 09:14 PM IST

Who is Sandeep Singh: संदीप सिंह के असल जीवन की कहानी इतनी रोचक और इंस्पिरेश्नल है कि उस पर हिंदी फिल्म बनी है। सूरमा नाम की मूवी में एक्टर दिलजीत दोसांज ने स्क्रीन पर उनका किरदार निभाया है, जो कि 13 जुलाई 2018 में रिलीज हुई थी। फिल्म को शाद अली ने डायरेक्ट किया था, जबकि तापसी पन्नू और अंगद बेदी ने भी फिल्म में अहम किरदार निभाए थे।

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36 साल के संदीप सिंह हरियाणा के खेल मंत्री थे। वह भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान भी हैं। (फोटोः इंस्टाग्राम/sandeep_rebirth)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Who is Sandeep Singh: संदीप सिंह...यह नाम आज से कुछ साल पहले लाखों हिंदुस्तानी हॉकी प्रेमियों के दिल और जुबान पर राज करता था। वह तब इंडिया में हॉकी आइकन माने जाते थे और प्यार से फैंस उन्हें फ्लिकर सिंह बुलाते थे। खेल के रास्ते सियासी मैदान में कूदने वाले भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान की कहानी बहुत सारे एथलीट्स और लोगों के लिए बड़ी ही प्रेरणादायी रही है, पर हाल-फिलहाल में खुद पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों और एफआईआर के बाद उनकी छवि और करिअर अर्श से फर्श पर आ पहुंचा। नए साल 2023 के पहले रोज यानी रविवार (एक जनवरी) को उन्हें अपना मंत्री पद (हरियाणा में खेल मंत्री) सीएम मनोहर लाल खट्टर को हैंडओवर करना पड़ गया। हालांकि, उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है और सफाई में कहा है कि ये सब उनकी छवि को खराब को करने के मकसद से किया गया है। आइए, जानते हैं उनके एथलेटिक और पॉलिटिकल करिअर के बारे में:

1987 में जन्में सिंह मूल रूप से हरियाणा के कुरुक्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। वह वहां के शाहबाद से आते हैं। साल 2006 में ट्रेन में गोली लगने के बाद वह पक्षाघात से ग्रसित हो गए थे। सिंह इसके बाद दो साल तक व्हीलचेयर के सहारे रहे। हालांकि, उन्होंने कभी हार नहीं मानी और बाद में राष्ट्रीय हॉकी टीम में जोरदार वापसी की।

गोली लगने के घाव से उबरने और प्रशिक्षण के बाद सिंह ने 2008 के सुल्तान अजलान शाह कप में अपने देश के लिए शानदार प्रदर्शन किया। बाद में उन्हें भारतीय टीम का कप्तान नियुक्त किया गया। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने 2009 में सुल्तान अजलान शाह कप जीता था। साल 2018 में उनके के जीवन पर आधारित ‘‘सूरमा’’ फिल्मबनी थी। यह एक ऐसे खिलाड़ी की प्रेरणादायक कहानी थी, जो एक दुर्घटना के बाद पक्षाघात से ग्रसित हो गया था, लेकिन उसने हार नहीं मानी और दमदार वापसी की।

आगे अक्टूबर 2019 में अपने पहले चुनाव में पूर्व ओलंपिक खिलाड़ी सिंह ने कुरुक्षेत्र के पिहोवा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के मनदीप सिंह को 5,314 मतों के अंतर से हराया था। खेल की दुनिया में ‘‘फ्लिकर सिंह’’ के नाम से मशहूर सिंह उन तीन खिलाड़ियों में शुमार थे, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2019 के विधानसभा चुनाव में मैदान में उतारा था। सिंह के अलावा चुनाव मैदान में उतरीं पहलवान बबीता फोगाट और योगेश्वर दत्त को शिकस्त का सामना करना पड़ा था। पार्टी के सिख चेहरे सिंह को बाद में मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल किया गया।

सिंह ने तीन साल पहले ही अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सिंह (36) ने रविवार को खेल विभाग छोड़ दिया और कहा कि उन्होंने नैतिक आधार पर यह कदम उठाया है। दरअसल, राज्य की एक महिला जूनियर एथलेटिक्स कोच की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस द्वारा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के एक दिन बाद यह घटनाक्रम हुआ। सिंह पर महिला कोच को बंधक बनाने और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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