Greater Noida West News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोग वर्षों से मेट्रो कनेक्टिविटी की आस लगाए इंतजार कर रहे हैं। चारमूर्ति लेकर पर्थला तक रोज सुबह-शाम जाम में फंसे लोगों के मन में हर रोज एक ही प्रश्न उठता है, मेट्रो कब आएगी? यह एक ऐसा प्रश्न है, जिसका उत्तर साल 2012-13 से ही लोग पूछ रहे हैं। क्योंकि जब ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) की परिकल्पना की गई और यह इलाकों बड़े-बड़े बिल्डरों के हवाले किया गया, तभी से बिल्डर मेट्रो के सपने दिखा रहे हैं। लेकिन मेट्रो का सपना आज भी सपना ही है। अब उम्मीद जगी है कि केंद्र से मंजूरी मिल जाएगी और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए मेट्रो निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक प्रस्तावित एक्वा लाइन एक्सपेंशन की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली है। सार्वजनिक निवेश बोर्ड (PIB) से मंजूरी के बाद अब परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट की स्वीकृति मिलने का इंतजार है। बताया जा रहा है कि कैबिनेट नोट और परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO को भेजी जा चुकी है।
केंद्रीय कैबिनेट से मिल सकती है मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट की हर हफ्ते बैठक होती है। उम्मीद की जा रही है कि इस परियोजना को जल्द ही केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। मंजूरी मिलते ही परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। NMRC के प्रबंध निदेशक कृष्ण करुणेश के मुताबिक, निर्माण से जुड़ी जरूरी NOC पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं।
7.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रस्तावित
प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 तक लगभग 7.5 किलोमीटर लंबा होगा। यह पूरा रूट एलिवेटेड हिस्से के तौर पर बनाए जाने की योजना है। पूरे प्रस्तावित कॉरिडोर पर पांच स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4, किसान चौक (चार मूर्ति) के पास स्टेशन शामिल होंगे।
हजार करोड़ की हो सकती है परियोजना
परियोजना पर लगभग एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च आने का अनुमान है। इसके लिए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से भी वित्तीय योगदान किया जाएगा।
लाखों लोगों को मिलेगा कनेक्टिविटी का फायदा
पिछले कुछ वर्षों के दौरान ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आबादी बढ़ने के साथ सड़क ट्रैफिक का दबाव भी लगातार बढ़ता चला गया है। खासकर शाम के समय चार मूर्ति चौक और आसपास के इलाकों में जाम की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। प्रस्तावित मेट्रो से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, चार मूर्ति चौक और नोएडा के आसपास रहने वाले लगभग आठ लाख लोगों को सार्वजनिक परिवहन का बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद है।
सार्वजनिक परिवहन सिर्फ नाम मात्र का
वर्तमान में इस इलाके में सार्वजनिक परिवहन नाम की खानापूर्ति के नाम पर सिर्फ ई-सिटी बस सेवा ही है। हालांकि, ज्यादातर लोग या तो अपने वाहनों से आवाजाही करते हैं या ई-रिक्शा और ऑटो के भरोसे सफर करने को मजबूर हैं। मेट्रो शुरू होने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच तेज और व्यवस्थित कनेक्टिविटी मिलने से लोगों को बड़ी सहूलियत मिलने के साथ ही सफर सुरक्षित भी हो जाएगा।
RRTS से भी कनेक्टिविटी की उम्मीद
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए प्रस्तावित मेट्रो एक्सपेंशन को भविष्य में गाजियाबाद से जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक प्रस्तावित RRTS नेटवर्क से जोड़ने की योजना भी है। हालांकि, फिलहाल अगर केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल जाती है तो ग्रेनो वेस्ट का यह मेट्रो कॉरिडोर अपने स्तर पर एक्वा लाइन का ही विस्तार होगा और RRTS एक अलग परियोजना होगी। अब हर किसी को इंतजार है कि केंद्रीय कैबिनेट से इस परियोजना को मंजूरी मिल जाए तो ग्रेनो वेस्ट को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया एक कदम आगे बढ़े।
