Agle 10 Din Ka Mausam Kaisa Rahega (अगले 10 दिन का मौसम): सितंबर की शुरुआत के साथ देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां फिर जोर पकड़ती नजर आएंगी। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों तक बारिश का दौर अलग-अलग तीव्रता के साथ जारी रहने का अनुमान है। कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव का यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
मौसम प्रणालियों की बात करें को समुद्र तल पर मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है, जबकि इसका पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के आसपास स्थित है। वहीं, 1 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा, झारखंड तथा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के आसपास एक अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इससे पहले यह सिस्टम गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के उत्तर तटीय ओडिशा व उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में मौजूद था। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों के दौरान यह निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा और झारखंड के इलाकों को पार करेगा। इसके अलावा, निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर इस सिस्टम से जुड़ा एक ट्रफ गंगीय पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैला है। वहीं, मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण गुजरात से लेकर इस निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) तक एक अन्य ट्रफ बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में आइए जानें अगले 10 दिनों के दौरान मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली-एनसीआर में अगले 10 दिन का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में सितंबर के शुरुआती दिनों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 सितंबर को राजधानी में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि 3 और 4 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ने तथा कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 2 से 4 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इसके बाद 5 से 7 सितंबर के दौरान भी दिल्ली और आसपास के इलाकों में कुछ स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। खासतौर पर 2 से 5 सितंबर के बीच दिल्ली में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम में बदलाव के बीच आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है और बारिश के कारण तापमान में भी कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है।
यूपी में अगले 10 दिन के मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश में अगले 10 दिनों के दौरान मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1-2 सितंबर और फिर 6-7 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, 3 से 5 सितंबर के बीच पूर्वी यूपी में कुछ स्थानों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है, जबकि 1-2 सितंबर और 6-7 सितंबर को भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। इस दौरान पश्चिमी यूपी में 1 से 5 सितंबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश होने की आशंका है, जबकि 2 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। बारिश के साथ प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1-2 सितंबर को गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना है।
मध्य भारत का मौसम
मध्य भारत में सितंबर के शुरुआती दिनों में मानसूनी गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 2 से 7 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 5 सितंबर के दौरान व्यापक वर्षा के आसार हैं। इसके बाद 6-7 सितंबर को पूर्वी हिस्सों में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। विदर्भ में 2 से 5 सितंबर तक कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 1 से 4 सितंबर के बीच व्यापक बारिश का दौर रह सकता है और 5 से 7 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर वर्षा होने के संकेत हैं। इस दौरान मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक व बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश, जबकि 2 और 6 सितंबर को भारी वर्षा की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 4 सितंबर और 5 से 7 सितंबर के बीच कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। विदर्भ में 3 सितंबर को बहुत भारी तथा 2 और 4 सितंबर को भारी बारिश के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 1-2 सितंबर को बहुत भारी और 3 सितंबर को भारी वर्षा हो सकती है।
पूर्वी भारत में बारिश का अलर्ट
पूर्वी भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला तेज रहने की संभावना है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 1 से 7 सितंबर तक व्यापक बारिश हो सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल में 1 से 3 सितंबर के दौरान कई जगह बारिश होगी, जबकि बिहार, झारखंड और ओडिशा में 1-2 सितंबर को व्यापक वर्षा के आसार हैं। इसके बाद इन राज्यों में 3 से 7 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। अंडमान-निकोबार और ओडिशा में 1-2 सितंबर को हवा की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है। झारखंड में 1-5 सितंबर और बिहार में 1-6 सितंबर के दौरान आंधी-तूफान व बिजली चमकने की संभावना है। बारिश के लिहाज से 1 सितंबर को झारखंड में बेहद भारी बारिश का खतरा है। इसके अलावा 1 सितंबर को बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बरसेंगे बादल
पूर्वोत्तर भारत में मानसून सक्रिय रहने के कारण अगले एक सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में 1 से 7 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 1 से 6 सितंबर तक व्यापक बारिश के आसार हैं। 7 सितंबर को इन राज्यों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश तथा असम-मेघालय में 1 से 5 सितंबर तक गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। बारिश के दौरान अरुणाचल प्रदेश में 1-4 और 6-7 सितंबर को भारी वर्षा हो सकती है। 5 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश की आशंका है। वहीं, 1 सितंबर को असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में भी कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
पश्चिमी भारत में सितंबर के पहले सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। कोंकण और गोवा में 1 से 7 सितंबर तक व्यापक स्तर पर बारिश होने के आसार हैं। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र-कच्छ में इस अवधि के दौरान अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज-चमक का असर भी देखने को मिलेगा। मध्य महाराष्ट्र में 3-4 सितंबर और मराठवाड़ा में 2-3 सितंबर को बिजली चमकने व गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
दक्षिण भारत में बारिश के साथ तेज हवाओं का असर
दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले सात दिनों तक कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल और तेलंगाना में 1 से 7 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 2 से 4 सितंबर के बीच व्यापक बारिश, जबकि तटीय कर्नाटक में पूरे सप्ताह कई स्थानों पर वर्षा होने के संकेत हैं। लक्षद्वीप में 2-3 सितंबर को व्यापक बारिश हो सकती है। रायलसीमा में 1-5 सितंबर के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर रह सकता है, जहां हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटे तक पहुंचकर झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है। उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 1-2 सितंबर को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 1-3 सितंबर के दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा रायलसीमा में 1-5 सितंबर, तटीय आंध्र प्रदेश में 1-3 सितंबर और कर्नाटक व तेलंगाना में 1-2 सितंबर तक सतह के पास तेज हवाओं का असर रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम के ऐसे हालात 10 सितंबर तक जारी रह सकते हैं।
