श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बुधवार को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) चुन सकता है। इसके लिए चयन समिति ने 5,585 आवेदनों की समीक्षा के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया है। ट्रस्ट की बैठक में CEO के नाम पर अंतिम फैसला होने के साथ ही सचिव समेत अन्य पदों पर भी घोषणा की जा सकती है। बैठक ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के मणिरामदास छावनी स्थित आवास पर होने की संभावना है। बैठक दोपहर करीब दो बजे शुरू हो सकती है।
5,585 आवेदनों की हुई जांच
CEO चयन समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और विशेषज्ञ सदस्य सुरेश हावड़े शामिल थे। समिति के सदस्य अयोध्या पहुंच चुके हैं। ट्रस्ट ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि CEO के चयन की प्रक्रिया व्यापक, पारदर्शी और तकनीक आधारित रही। कुल 5,585 आवेदन मिले थे। इनमें से 16 उम्मीदवारों के साथ विस्तृत चर्चा की गई और अंततः तीन योग्य उम्मीदवारों का पैनल ट्रस्ट को सौंपा गया।ऐसे हुई उम्मीदवारों की छंटनी
न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली ने बताया कि 11 जुलाई को समिति की पहली बैठक हुई थी और CEO पद के लिए पात्रता मानदंड तय किए गए थे। 18 जुलाई तक आवेदन मंगाए गए, जिनमें 5,585 आवेदन प्राप्त हुए। आवेदनों की शुरुआती जांच के बाद 3,577 लोगों को अलग-अलग मानदंडों के आधार पर 600 अंकों की प्रक्रिया से गुजारा गया। इनमें से 108 उम्मीदवारों ने 470 या उससे अधिक अंक हासिल किए। इन उम्मीदवारों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की गई। इसके बाद 17 लोगों को आगे के लिए चुना गया और अंततः तीन नामों का पैनल तैयार किया गया।कोहली ने कहा कि समिति को विश्वास है कि चुना गया पैनल सबसे बेहतर है। उनके मुताबिक उम्मीदवारों में स्पष्ट विजन, काम करने की प्रतिबद्धता और मंदिर से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समझ को प्राथमिकता दी गई।
जगदीश आफले होंगे ट्रस्ट के पहले सचिव
ट्रस्ट बुधवार को अपने सचिव के नाम की भी औपचारिक घोषणा कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक जगदीश आफले ट्रस्ट के पहले सचिव बन सकते हैं। महाराष्ट्र के आफले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं और राम मंदिर निर्माण परियोजना के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पुणे निवासी आफले इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में BTech और IIT बॉम्बे से MTech हैं। उन्होंने भारत के अलावा यूरोप और अमेरिका में भी काम किया है।
सेवानिवृत्ति के बाद RSS की सिफारिश पर वे राम मंदिर निर्माण परियोजना से मानद परियोजना प्रबंधक के तौर पर जुड़े थे। इसके बाद से वह अपनी पत्नी के साथ अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में रह रहे हैं।
तीन पद हुए थे खाली
ट्रस्ट में तीन पद रिक्त हुए हैं। ट्रस्ट सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन, पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद ये पद खाली हुए। यह प्रक्रिया मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के विवाद और चंपत राय के इस्तीफे के बाद हो रही है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि CEO की नियुक्ति का अंतिम फैसला ट्रस्ट ही करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि बुधवार को इस संबंध में निर्णय हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा को भी ट्रस्ट में शामिल किया जा सकता है।
