ग्रेटर नोएडा में ये कंपनी बनाएगी सेमीकंडक्टर
उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा में भारतीय सेना को मजबूती देने वाले उद्योग-धंधे लग रहे हैं। यहां के यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में रॉकेट, लड़ाकू विमान और मिसाइलों के लिए सेमीकंडक्टर चिप (सेंसर फैब) तैयार किए जाएंगे। यमुना अथॉरिटी ने कल यानी मंगलवार 10 जून को ही इसके लिए एडिटेक कंपनी और अमेरिका की आइस-एमओएस के संयुक्त उपक्रम को जमीन आवंटित करने की सहमति दी। प्राधिकरण इस संयुक्त उपक्रम को यमुना अथॉरिटी के सेक्टर-10 में कुल 12 एकड़ जमीन का आवंटन करेगा।
दैनिक हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी यहां सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने के लिए 3000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। एडिटेक सेमीकंडक्टर एंड एडि ग्रुप के चेयरमैन व मैनेजिंग पार्टनर संजय विश्वनाथ ने यह जानकारी दी। इससे क्षेत्र में 1800 से ज्यादा लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
कंपनी यहां पर 180 नैनोमीटर की चिप बनाएगी। बता दें कि इस समय भारत में इस प्रकार की चिप का निर्माण बहुत छोटे स्तर पर हो रहा है। अंतरिक्ष में जाने वाले रॉकेट, विमानों और मिसाइलों में इस्तेमाल होने वाली चिप का 95 फीसद आयात भारत में चीन से होता है। कंपनी ने इसी कमी को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर सेंसर फैब तैयार करने के वास्ते जमीन की मांग की है।
प्राधिकरण की तरफ से भूमि आवंटन के लिए कंपनी को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। कंपनी को यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 12 एकड़ जमीन देने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOT) जारी किया गया है। भूमि आवंटन के बाद कंपनी को करीब 2 साल का समय लगेगा और यहां चिप निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। बता दें कि कंपनी ग्रेटर नोएडा में हर साल 25 करोड़ से ज्यादा चिप तैयार करेगी।
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यही नहीं, यह कंपनी गाड़ियों और इलेक्ट्रिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली सेमीकंडक्टर चिप भी तैयार करेगी। ज्ञात हो कि सेमीकंडक्टर चिप का इस्तेमाल भारत की ताकतवर ब्रह्मोस मिसाइल और अन्य अंतरिक्ष में जाने वाले रॉकेट में होता है। इन चिप की मदद से रॉकेट या मिसाइल को किस दिशा में भेजना है, इसमें मदद मिलती है। यही चिप होती है, जो मिसाइल या रॉकेट को उसके टारगेट तक सफलतापूर्वक पहुंचाने में मदद करती है।
कंपनी की तैयारी यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए भी चिप तैयार करने की है। इसके लिए भी कंपनी ने अलग से 15 एकड़ जमीन की मांग की है। कंपनी अपनी जापानी पार्टनर के साथ मिलकर इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस, डिफेंस, एनर्जी और हेल्थ केयर में इस्तेमाल होने वाले सेंसर का भी निर्माण करेगी। जो देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देंगे।
सेमीकंडक्टर के लिए यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अब तक पांच कंपनियां आवेदन कर चुकी हैं। सेक्टर-28 में वामा सुंदरी ने 48 एकड़ के लिए आवेदन किया था, जिसे केंद्र सरकार से मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके अलावा टार्क कंपनी ने 125 एकड़, भारत सेमी सिस्टम और कीन्स सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड ने 50-50 एकड़ जमीन की मांग की है। माना जा रहा है कि इन कंपनियों को भी यमुना प्राधिकरण के सेक्टर 10 में जमीन मिल सकती है।