गाजियाबाद

Meerut: चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के छात्रावास में छात्रों ने फोड़े पटाखे-पेट्रोल बम, वीडियो वायरल; विश्वविद्यालय करेगा कार्रवाई

मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के पंडित दीनदयाल उपाध्याय छात्रावास में 10 अक्टूबर की रात हुए हंगामे ने प्रशासन को सख्त कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में छात्र पटाखे और पेट्रोल बम फोड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे छात्रावास का माहौल बिगड़ गया। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने नोटिस जारी कर छात्रों को चेतावनी दी है और सीसीटीवी फुटेज व वायरल वीडियो के आधार पर दोषियों की पहचान की जा रही है।

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छात्रावास में पटाखे फोड़ता छात्र

Photo : Times Now Digital

Meerut News: मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के छात्रावास के कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं । जिसमें छात्र छात्रावास में पटाखे और पेट्रोल बम बनाकर फोड़ते नजर आ रहे हैं। जानकारी मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रावास में रह रहे छात्रों को नोटिस जारी किया है। छात्रों की पहचान भी सीसीटीवी और छात्रों की ओर से इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो से की जा रही है। जानकारी के मुताबिक सभी छात्रों की पहचान कर उनपर कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल मामला मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के पंडित दीनदयाल उपाध्याय छात्रावास का है। जहां पर 10 अक्टूबर की तारीख को पटाखे और पेट्रोल बम बनाकर फोड़े गए। जिनकी वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड भी की गई और अब वो वायरल हो रही है। सीसीएसयू के छात्रावास के छात्रों ने धमाके करने के बाद इसके बाद छात्र उस के आसपास नाचते झूमते भी नजर आ रहे हैं । इसके वीडियो भी छात्रों ने कई इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया है । वहीं वीडियो सामने आने के बाद अब यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहा है । विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रावास के छात्रों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। आरोपी सभी छात्रों की पहचान सीसीटीवी और वीडियो से की जा रही है। पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना को लेकर एक नोटिस भी जारी किया है, जिसमें लिखा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय छात्रावास के समस्त छाओं को सूचित किया जाता है कि दिनांक 10/10/2025 की रात्रि में कुछ छात्रों द्वारा छात्रावास की संपति को क्षति पहुंचाई गई है, हंगामा कर छात्रावास का अकादमिक वातावरण बिगाड़ने का प्रयास किया गया। छात्रों का यह कृत्य अत्यंत गंभीर एवं अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। छात्रावास या विश्वविद्यालय परिसर की किसी भी संपति को नुकसान पहुंचाना और अकादमिक वातावरण बिगाड़ने का प्रयास करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह एक दंडनीय अपराध भी है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसे कार्यों में संलिप्त पाए जाने वाले छात्रों की पहचान कर रहा है। दोषी पाए जाने पर छात्रावास नियमों के हिसाब से संबंधित छात्रों पर कठोर कार्रवाई करेगा।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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